हवाई सफर करने वाले यात्रियों की जेब पर एक बार फिर असर पड़ने वाला है। इंडिगो ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की बढ़ती कीमतों के बीच घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ा दिया है। यह बदलाव 6 अक्तूबर 2026 से लागू होगा। एयरलाइन के मुताबिक, पिछले महीने की तुलना में एटीएफ की कीमत में 14 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है और इसकी लागत पिछले एक दशक के सबसे ऊंचे स्तरों में पहुंच गई है। बढ़ती ईंधन लागत की भरपाई के लिए इंडिगो ने दूरी के आधार पर घरेलू उड़ानों का फ्यूल चार्ज बढ़ाकर 375 रुपये से 1,300 रुपये प्रति सेक्टर कर दिया है।
इंडिगो के अनुसार, हवाई ईंधन के दाम में मासिक वृद्धि 14 फीसदी से अधिक हो गई है। हवाई ईंधन एयरलाइन के परिचालन खर्च का एक बड़ा हिस्सा होता है। यह एयरलाइन की लागत संरचना और नेटवर्क अर्थशास्त्र को प्रभावित करता है। घरेलू उड़ानों के लिए अब ईंधन शुल्क दूरी के आधार पर 375 रुपये से 1,300 रुपये प्रति सेक्टर होगा। इससे पहले अप्रैल में इंडिगो ने घरेलू ईंधन शुल्क में संशोधन किया था। तब यह शुल्क 275 रुपये से 950 रुपये प्रति सेक्टर तक था। 5 अक्तूबर को दोपहर करीब 12.30 बजे बीएसई पर इंडिगो की मूल कंपनी इंटर ग्लोब एविशन के शेयर 4927.15 रुपये पर कारोबार कर रहे थे। शेयरों में 0.12 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।
घरेलू उड़ानों पर कितना बढ़ेगा बोझ?
0 से 500 किलोमीटर की दूरी के लिए अब 375 रुपये का शुल्क लगेगा, जो पहले 275 रुपये था। 501 से 1,000 किलोमीटर के लिए यह 600 रुपये हो गया है, जो पहले 400 रुपये था। 1,001 से 1,500 किलोमीटर की उड़ानों पर 900 रुपये और 1,501 से 2,000 किलोमीटर पर 1,150 रुपये लगेंगे। 2,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी के लिए यात्रियों को 1,300 रुपये का ईंधन शुल्क देना होगा।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए क्या हैं नई दरें?
सार्क मार्गों पर 500 किलोमीटर तक के लिए 1,000 रुपये का शुल्क लगेगा। लंबी सार्क उड़ानों के लिए यह शुल्क 3,000 रुपये होगा। दक्षिण पूर्व एशिया, जीसीसी, पश्चिम एशिया और उत्तर व पूर्व एशिया के मार्गों पर 5,500 रुपये का शुल्क तय किया गया है। अफ्रीका के लिए यह शुल्क 6,000 रुपये और यूरोप के लिए 10,000 रुपये होगा।