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Indigo Crisis: 'संकट की कई वजहें, फिलहाल कोई सटीक कारण नहीं बता सकते', इंडिगो के सीईओ-सीओओ का डीजीसीए को जवाब

Mon, 08 Dec 2025 08:05 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Indigo Crisis: इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स, सीओओ इसिड्रे पोरक्वेरस ने डीजीसीए के कारण बताओ नोटिस का जवाब दाखिल कर दिया है। इस बीच, शेयर बाजार में भी सोमवार को इंडिगो के शेयरों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। आइए इस बारे में विस्तार से।
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इंडिगो प्रकरण - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स और सीओओ इसिड्रे पोरक्वेरस ने डीजीसीए के कारण बताओ नोटिस का जवाब दे दिया है। सरकार इंडिगो की ओर से नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों को लागू करने में कथित लापरवाही की जांच कर रही है।

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देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय को एयरलाइन के सीईओ और सीओओ की ओर से साइन किया गया जवाब सोमवार को शाम छह बजे के करीब भेजा। इंडिगो ने अपने जवाब में सेवाओं में गडबड़ी के कारण यात्रियों को हो रही परेशानी के लिए गहरा खेद जताया है।

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एयरलाइन ने माना है कि यात्रियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उन्होंने इस पूरे संकट को कई कारणों का दुर्भाग्यपूर्ण और अप्रत्याशित संयोग बताया। एयरलाइन के अधिकारियों ने बताया कि कई मुसीबतें एक साथ आ गईं, जिनका अंदाजा उन्हें नहीं था।

इंडिगो ने परिचालन संकट पर नियामक को दिया यह जवाब

एयरलाइन ने डीजीसीए को बताया कि यह संकट किसी एक गलती का नतीजा नहीं था, बल्कि कई छोटी-बड़ी वजहों ने मिलकर इसे बड़ा बना दिया। सर्दियों के मौसम के लिए उड़ानों के समय में बदलाव किया गया था। इस बीच मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों ने भी उड़ानों को प्रभावित किया। इन स्थितियों के बीच एविएशन सिस्टम में बढ़ी हुई भीड़भाड़ से भी मुश्किलें बढ़ीं।

इंडिगो ने बताया कि परेशानी का सबसे बड़ा कारण एफडीटीए के नए नियमों का दूसरा चरण लागू करना रहा। इंडिगो ने स्वीकार किया कि पायलट और केबिन क्रू की ड्यूटी के समय से जुड़े नए नियमों को लागू करने में एयरलाइन को चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इंडिगो ने बताया कि वे इन चुनौतियों को लेकर पहले से ही डीजीसीए के संपर्क में थे और कुछ नियमों में छूट या मोहलत मांग रहे थे। इंडिगो ने नियामक को बताया कि परिचालन के विशाल पैमाने और जटिलता को देखते हुए, इस समय संकट के सटीक कारणों को पिनपॉइंट करना वास्तविक रूप से संभव नहीं है।




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एयरलाइन ने डीजीसीए मैनुअल का हवाला दिया है, जो कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के लिए 15 दिनों का समय देता है। इंडिगो ने संकेत दिया है कि उन्हें एक व्यापक 'रूट कॉज एनालिसिस' करने के लिए और समय की जरूरत है। एक बार सटीक कारण पता चल जाने पर, एयरलाइन पूरी रिपोर्ट नियामक के साथ साझा करेगी। फिलहाल, इंडिगो ने इस घटनाक्रम पर गहरा दुख जताते हुए इसे परिचालन से जुड़ी एक असाधारण स्थिति बताया है।

इंडिगो का मार्केट कैप 17885 करोड़ रुपये घटा

इंडिगो की मूल कंपनी इंटरग्लोब एविएशन के शेयरों में सोमवार को करीब 9 प्रतिशत की गिरावट आई। इससे एयरलाइन के बाजार मूल्यांकन में 17,884.76 करोड़ रुपये की कमी आई। उधर, संकटग्रस्त एयरलाइन के उड़ान परिचालन में व्यवधान सातवें दिन भी जारी रहा।
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नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर विमानन कंपनी का शेयर 8.62 प्रतिशत गिरकर 4,907.50 रुपये पर बंद हुआ। बीएसई पर गुरुग्राम स्थित इंटरग्लोब एविएशन का शेयर 8.28 प्रतिशत गिरकर 4,926.55 रुपये पर बंद हुआ। सत्र के दौरान, बीएसई और एनएसई पर शेयर क्रमश: 4,842.20 रुपये और 4,842.50 रुपये के निचले स्तर पर पहुंच गया, जो लगभग 10 प्रतिशत की गिरावट थी।

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इंडिगो ने सोमवार को 562 उड़ानें रद्द कीं

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