Khanjar: भारतीय नौसेना का मिसाइल वाहक पोत 'खंजर' तीन दिवसीय दौरे श्रीलंका के त्रिंकोमाली बंदरगाह पर पहुंचेगा। इस दौरान योग सत्र, बीच क्लीनिंग और स्पेशल स्कूल का भी आयोजन करेगा। 31 जुलाई को प्रस्थान के बाद, त्रिंकोमाली के पास श्रीलंका नौसेना के जहाज के साथ एक समुद्री साझेदारी अभ्यास की भी योजना है।
खुकरी श्रेणी का स्वदेश में निर्मित भारतीय नौसेना का मिसाइल वाहक पोत पोत 'खंजर' शनिवार से श्रीलंका के पूर्वी बंदरगाह त्रिंकोमाली का तीन दिवसीय दौरा करेगा। कोलंबो में भारतीय उच्चायोग ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा के लिए साझा चुनौतियों से कुशलतापूर्वक निपटने के लिए और श्रीलंका नौसेना की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए यह यात्रा महत्वपूर्ण है।
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जहाज के कमांडिंग ऑफिसर एनवीएस फणी कुमार पूर्वी नौसेना क्षेत्र के कमांडर से मुलाकात करेंगे, जबकि वीबीएसएस, गनरी और मिसाइल संचालन पर विभिन्न पेशेवरों के बीच बातचीत होगी। बयान के अनुसार, ''लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने और लोगों को भारतीय नौसेना और इसकी क्षमताओं से परिचित कराने के लिए यह जहाज स्कूली बच्चों की यात्रा के लिए खुला रहेगा।" आम लोग 30 जुलाई को त्रिंकोमाली बंदरगाह पर जहाज का दौरा कर सकेंगे।
बयान में कहा गया है कि जहाज त्रिंकोमाली में योग सत्र, बीच क्लीनिंग और स्पेशल स्कूल का भी आयोजन करेगा। 31 जुलाई को प्रस्थान के बाद, त्रिंकोमाली के पास श्रीलंका नौसेना के जहाज के साथ एक समुद्री साझेदारी अभ्यास की भी योजना है।
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त्रिंकोमाली पहुंचा मिसाइल वाहक पोत 'खंजर'
खुकरी श्रेणी का स्वदेश निर्मित मिसाइल पोत 'खंजर' दोनों नौसेनाओं के बीच घनिष्ठ संबंधों और अंतर-क्षमता को बढ़ाने के लिए तीन दिवसीय यात्रा के लिए शनिवार को श्रीलंका के पूर्वी बंदरगाह त्रिंकोमाली पहुंचा। कोलंबो में भारतीय उच्चायोग ने आज एक बयान में कहा कि क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा के लिए साझा चुनौतियों से कुशलतापूर्वक निपटने के लिए श्रीलंका नौसेना की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए भारत और श्रीलंका के बीच सहयोग की संभावना के मद्देनजर यह यात्रा महत्वपूर्ण है।
श्रीलंका की नौसेना ने कहा कि भारतीय नौसेना का जहाज 'खंजर' त्रिंकोमाली के पूर्वी बंदरगाह पर पहुंच गया है। भारत के रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि जहाज के आगमन पर श्रीलंका की नौसेना ने उसका पारंपरिक स्वागत किया। जहाज की यात्रा के दौरान, दोनों नौसेनाएं विभिन्न गतिविधियों में शामिल होंगी, जिसमें योजना चर्चा, पारस्परिक हित के विषयों पर पेशेवर आदान-प्रदान और नौसेना और समुद्री अकादमी, श्रीलंका के प्रशिक्षुओं द्वारा खंजर पर दौरे शामिल हैं।