विनिर्माण गतिविधियों में मार्च महीने में रही नरमी।
- फोटो : pixabay
भारत की विनिर्माण गतिविधियों में मार्च 2022 में नरमी देखने को मिली है। एक मासिक सर्वेक्षण में सोमवार को कहा गया कि एसएंडपी ग्लोबल इंडिया विनिर्माण खरीद प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) मार्च में 54.0 पर रहा, जो कि फरवरी में 54.9 के स्तर पर था। यह सात महीने का निचला स्तर है।
इस संबंध में जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च के आंकड़े उत्पादन और बिक्री में सितंबर 2021 के बाद से सबसे कमजोर वृद्धि को दर्शाते हैं। हालांकि, लगातार नौ महीनों से कुल परिचालन दशाओं में सुधार का रुख जारी है। गौरतलब है कि 50 से अधिक पीएमआई होने का अर्थ विस्तार होता है, जबकि 50 से नीचे का अंक संकुचन को प्रदर्शित करता है। एसएंडपी ग्लोबल की अर्थशात्री पॉलियाना डी लीमा ने कहा कि कि वित्त वर्ष 2021-22 के अंत में भारत में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि कमजोर हुई है और कंपनियों ने नए ऑर्डर व उत्पादन में नरमी की बात कही है। रिपोर्ट में लीमा ने कहा कि इस अवधि में रसायन, ऊर्जा, कपड़ा, खाद्य पदार्थ और धातु जैसे क्षेत्रों में कच्चे माल की लागत बढ़ी।