भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को जोरदार गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 121 अंक गिरकर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 23,400 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे आ गया। दिन के कारोबार में गहरे लाल निशान में फिसलने के बाद बाजार ने थोड़ी वापसी की, लेकिन अंततः नुकसान में ही रहा।
शुक्रवार को सेंसेक्स 74,781.76 अंक पर बंद हुआ, जिसमें 120.83 अंकों या 0.16 फीसदी की गिरावट आई। वहीं, निफ्टी 23,398.10 अंक पर रहा, जिसमें 79.71 अंकों या 0.34 फीसदी की कमी दर्ज की गई। आयशर मोटर्स और टाटा स्टील के शेयरों में लगभग दो फीसदी की बड़ी गिरावट देखी गई। बाजार में इस कमजोरी के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में उछाल एक प्रमुख कारण रहा। बढ़ती बॉन्ड आय और अन्य वैश्विक चिंताएं भी बाजार पर दबाव डाल रही थीं। अधिकांश क्षेत्रीय सूचकांक लाल निशान में कारोबार कर रहे थे, जो व्यापक कमजोरी का संकेत था।
बाजार में गिरावट के मुख्य कारण क्या रहे?
शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट के कई कारण थे। कच्चे तेल की कीमतों में अचानक उछाल ने निवेशकों की चिंताएं बढ़ा दीं। इसके साथ ही, बढ़ती बॉन्ड आय ने भी बाजार के माहौल को नकारात्मक बनाया। वैश्विक स्तर पर मौजूद अन्य अनिश्चितताएं भी बाजार पर दबाव डाल रही थीं। इन सभी कारकों के चलते प्रमुख सूचकांकों में कमजोरी देखी गई।
किन क्षेत्रों को सबसे अधिक नुकसान हुआ?
बाजार में व्यापक कमजोरी के बीच कई क्षेत्रों को भारी नुकसान हुआ। धातु और रियल्टी शेयरों को सबसे तेज दबाव का सामना करना पड़ा। वाहन, वित्तीय सेवाएं और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएं भी गिरावट वाले क्षेत्रों में शामिल रहे। सीमेंट, बैंकिंग, स्वास्थ्य सेवा, फार्मा और ऊर्जा क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय बिकवाली देखी गई। केवल सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र ही बढ़त दर्ज कर सका, जबकि एफएमसीजी में मामूली गिरावट रही।