शेयर बाजार में भले ही गिरावट हो और दुनियाभर में उथल-पुथल हो। लेकिन भारतीय कंपनियां इस महीने आईपीओ से रिकॉर्ड पैसा जुटाने जा रही हैं। कुल 18 कंपनियां 47,500 करोड़ रुपये जुटाने के लिए बाजार में उतरेंगी। इसमें से दो कंपनियां एक अक्तूबर तक बाजार में उतर चुकी हैं। दो के इश्यू तीन अक्तूबर को व तीन आईपीओ 9 अक्तूबर तक बंद होंगे। यह सभी मिलकर 30,434 करोड़ रुपये जुटा रही हैं। बाकी 11 कंपनियां महीने के अंत तक बाजार से करीब 17,000 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में हैं।
| महीना | मसौदा |
|---|---|
| अप्रैल | 23 |
| मई | 17 |
| जून | 14 |
| जुलाई | 33 |
| अगस्त | 21 |
| सितंबर | 19 |
एसएमई : 212 कंपनियों ने जुटाए रिकॉर्ड 9,228 करोड़
छोटी व मझोली यानी एसएमई कंपनियां भी पैसा जुटाने में पीछे नहीं हैं। इस साल जनवरी से अब तक इन्होंने बाजार से 9,228 करोड़ रुपये जुटाए। यह किसी भी साल में अब तक का रिकॉर्ड है। 2024 में 240 कंपनियों ने 8,760 करोड़ और 2023 में 182 कंपनियों ने 4,686 करोड़ रुपये जुटाए थे।
मासिक आधार पर रिकॉर्ड
| महीना | आईपीओ रकम (करोड़) |
|---|---|
| अक्तूबर, 2024 | 38,689 |
| नवंबर, 2021 | 35,661 |
| नवंबर, 2024 | 31,145 |
| मई, 2022 | 29,511 |
| दिसंबर, 2024 | 25,439 |
(सोर्स : प्राइम डाटाबेस)
सबसे बड़े आईपीओ
| कंपनी | रकम (करोड़) |
|---|---|
| ह्यूंडई | 27,859 |
| एलआईसी | 20,557 |
| पेटीएम | 18,300 |
| कोल इंडिया | 15,199 |
टाटा कैपिटल पर निगाहें...
टाटा कैपिटल आईपीओ से पहले जिस भाव पर शेयर बेची थी, उसकी तुलना में आईपीओ में कम भाव 326 रुपये पर बेच रही है। कई ब्रोकर्स ने कहा, यह अच्छी बात है कि बोर्ड ने गैर-सूचीबद्ध शेयरों के मुट्ठी भर निवेशकों के बजाय आम निवेशकों का पक्ष लिया। मार्च 2025 तक, टाटा कैपिटल का लोन बुक 2.26 लाख करोड़ रुपये था। 2022-23 की तुलना में 88% अधिक है।