आमतौर पर ट्रेन में लगे सभी डिब्बों का रंग नीला होता है। अब इसमें भी बदलाव किया जा रहा है। रेलवे प्रत्येक डिब्बे को पीले और भूरे रंग से रंगेगा। इसके अलावा प्रत्येक कोच में अब सीट के पास मोबाइल व लैपटॉप चार्जिंग की सुविधा मिलेगी। डिब्बे के शौचालय भी बायो शौचालय बनेंगे, जिससे स्टेशनों पर गंदगी नहीं होगी।
आती है तकनीकी अड़चने
अधिकारियों का तर्क है कि तेज गति की ट्रेनों के आगे कम रफ्तार वाली मेल-एक्सप्रेस ट्रेन चलाने से उनको ओवरटेक करने में तकनीकी अड़चने आती हैं। मेल-एक्सप्रेस को स्टेशन आने पर लूप लाइन में खड़ी कर प्रीमियम ट्रेनें आगे भेजी जाती हैं।
5 मिनट में बदलेगा स्टाफ
वहीं सभी ट्रेनों में चल रहे रनिंग स्टॉफ जैसे कि गार्ड, ड्राइवर, टीटी आदि को बदलने के लिए गाड़ी केवल 5 मिनट ही रुकेगी। पहले इसके लिए ट्रेन को 20 से 30 मिनट का ठहराव दिया जाता था। इससे भी गाड़ियां कम लेट होंगी, जिसका फायदा यात्रियों को मिलेगा। वहीं अगर ट्रेन का इंजन बदलना पड़े, तो उसके लिए 10 मिनट का ठहराव दिया जाएगा।