अदाणी समूह के बाजार पूंजीकरण में बुधवार को लगातार नौवें दिन बढ़त जारी रही। समूह का बाजार पूंजीकरण बुधवार को 16.5 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया, पिछले नौ कारोबारी सत्रों में इसमें 10.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह तेजी उस दिन भी जारी रही जब लंदन स्थित फाइनेंशियल टाइम्स ने जॉर्ज सोरोस समर्थित ऑर्गनाइज्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट (ओसीसीआरपी) के दस्तावेजों का हवाला देते हुए एक रिपोर्ट में अदाणी समूह पर धोखाधड़ी करने और वर्ष 2013 में तमिलनाडु जनरेशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी को उच्च मूल्य वाले ईंधन के रूप में निम्न श्रेणी का कोयला बेचने का आरोप लगाया।
पिछले एक साल में बाजार का पूंजीकरण 56.6% बढ़ा
इससे पता चलता है कि बाजारों ने OCCRP और फाइनेंशियल टाइम्स की ओर से समूह के बारे में की गई रिपोर्ट को खारिज कर दिया है ओर बाजार का भरोसाअदाणी समूह के शेयरों में बरकरार है। पिछले एक साल में समूह के बाजार पूंजीकरण में लगातार वृद्धि से पता चलता है कि आरोपों के बावजूद, निवेशकों ने अदाणी समूह की कंपनियों में विश्वास जताया है। पिछले साल समूह का बाजार पूंजीकरण 56.6 फीसदी बढ़ा है और इसका प्रदर्शन व्यापक बाजार निफ्टी से बेहतर रहा है जिसमें इस अवधि में 23.3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की है। यह तीसरी बार है जब दो विदेशी मीडिया प्लेटफार्मों ने समूह पर नकारात्मक रिपोर्ट प्रकाशित की है।
विपक्ष ने कथित गड़बड़ियों की संयुक्त समिति से जांच की मांग की
इस बीच अदाणी समूह ने सभी आरोपों से इनकार किया और नवीनतम रिपोर्ट के समय पर सवाल उठाया जब देश में आम चुनाव चल रहे हैं। ताजा रिपोर्ट 2012-13 के दौरान कोयला आपूर्ति लेनदेन पर आधारित है, जब केंद्र में संप्रग सरकार थी। बाजार इसे भारतीय मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए बाहरी हस्तक्षेप के रूप में देख रहा है। अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा और कांग्रेस नेता जयराम रमेश सहित विपक्षी नेताओं ने इस खबर का हवाला देते हुए कथित गड़बड़ियों की संयुक्त संसदीय समिति से जांच की मांग की है। हालांकि, अदाणी ग्रुप स्टॉक्स में मजबूती और लचीलापन बताता है कि इन्वेस्टर ग्रुप पर इस प्रकार के हमलों से अप्रभावित हैं और अदाणी समूह पर भरोसा बनाए हुए हैं।