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Forex Reserves: फॉरेक्स रिजर्व 9 महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंचा, 1.65 अरब डॉलर बढ़कर 586.41 अरब डॉलर हुआ

Sat, 22 Apr 2023 01:53 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार समीक्षाधीन सप्ताह में आईएमएफ में देश का मुद्रा भंडार 1.2 करोड़ डॉलर बढ़कर 5.19 अरब डॉलर हो गया। विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपये में बढ़त देखने को मिली।
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फॉरेक्स - फोटो : pixabay
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विस्तार
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भारतीय रिजर्व बैंक के पास उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार देश का विदेशी मुद्रा भंडार 1.657 अरब डॉलर बढ़कर 586.412 अरब डॉलर हो गया। देश के विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार दूसरे सप्ताह वृद्धि हुई। पिछले नौ महीने से अधिक समय में ऐसा पहली बार हुआ। पिछले सप्ताह देश का विदेशी मुद्रा भंडार 6.306 अरब डॉलर बढ़कर 584.755 अरब डॉलर हो गया था।

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डॉलर के संदर्भ में विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में विदेशी मुद्रा भंडार में रखे यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी इकाइयों के मूल्य में वृद्धि या गिरावट का प्रभाव शामिल था। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की शुक्रवार शाम को जारी साप्ताहिक सांख्यिकीय पूरक के अनुसार, देश का स्वर्ण भंडार 52.1 करोड़ डॉलर घटकर 46.125 अरब डॉलर रह गया। विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 3.8 करोड़ डॉलर घटकर 18.412 अरब डॉलर रह गया।

विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ रुपया
रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार समीक्षाधीन सप्ताह में आईएमएफ में देश का मुद्रा भंडार 1.2 करोड़ डॉलर बढ़कर 5.19 अरब डॉलर हो गया। विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपये में बढ़त देखने को मिली। आंशिक रूप से परिवर्तनीय रुपया 82.0950 के स्तर पर कारोबार करते हुए 82.1750 पर बंद हुआ था। अमेरिकी डॉलर सूचकांक (डीएक्सवाई), जो मुद्राओं की एक टोकरी के मुकाबले ग्रीनबैक के मूल्य को ट्रैक करता है 0.03% बढ़कर 101.88 पर पहुंच गया।
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भारतीय रिजर्व बैंक के अनुसार मांग में लचीलापन बरकरार
रिजर्व बैंक ने अपने मासिक बुलेटिन में कहा कि वैश्विक आर्थिक स्थिति अनिश्चितताओं से घिरी हुई है इससे बाजार अस्थिर बना हुआ है। इसमें कहा गया है कि देश में कुल मांग की स्थिति लचीली बनी हुई है, सेवाओं की मांग में सुधार से मांग को सपोर्ट मिला है। रबी की बंपर फसल की उम्मीद है। बुनियादी ढांचे पर राजकोषीय जोर और चुनिंदा क्षेत्रों में कॉर्पोरेट निवेश में सुधार अर्थव्यवस्था के लिए अच्छे संकेत है। हेडलाइन उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित (सीपीआई) मुद्रास्फीति धीरे-धीरे अप्रैल 2022 में 7.8 प्रतिशत के अपने शिखर से घटकर मार्च 2023 में 5.7 प्रतिशत हो गई है और वित्तीय वर्ष 2023-24 की चौथी तिमाही में इसके और कम होकर 5.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

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