एच-1 बी वीजा एक गैर-प्रवासी वीजा है, जो विदेशी कर्मचारियों को अमेरिका में काम करने की अनुमति देता है। देश की आईटी कंपनियों में यह वीजा काफी लोकप्रिय है और वे इस वीजा पर बहुत अधिक निर्भर हैं। हर साल भारत व चीन जैसे देशों से हजारों कर्मचारियों को इस वीजा के जरिए नौकरियां मिलतीं हैं। इस वीजा के तहत नौकरी का कार्यकाल इस साल 1 अक्टूबर से शुरू हो रहा है।
अमेरिका में हुनरमंदों की कमी के चलते मिलता है वीजा
अमेरिका ऐसे विदेशी कर्मचारियों को एच-1 बी वीजा देता है, जो बेहद कुशल होते हैं, जबकि इस क्षेत्र में अमेरिका के भीतर ऐसे हुनरमंदों की कमी होती है। इसके अलावा अमेरिका के बैंकिंग, ट्रैवल और व्यावसायिक सेवाएं भारत के आईटी वर्कर्स पर निर्भर करती हैं, लेकिन इस बार वीजा के लिए सख्ती भारी पड़ती नजर आ रही है।