देश में बेरोजगारी दर मार्च में तीन महीने के उच्चस्तर 7.8 फीसदी पर पहुंच गई। यह देश के श्रम बाजार में गिरावट के चलते हुआ है। भारतीय अर्थव्यवस्था की निगरानी पर केंद्र (सीएमआईई) के आंकड़ों के अनुसार, देश में पिछले साल बेरोजगारी दर 8.30 फीसदी हो गई थी, लेकिन इस साल जनवरी में यह घटकर 7.14 फीसदी पर आ गई थी। हालांकि यह फरवरी में फिर से बढ़कर 7.45 प्रतिशत हो गई थी।
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सीएमआईई के शनिवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, मार्च के दौरान शहरी इलाकों में बेरोजगारी दर 8.4 फीसदी, जबकि ग्रामीण इलाकों में यह 7.5 फीसदी रही। सीएमआईई के प्रबंध निदेशक महेश व्यास ने बताया कि मार्च 2023 में भारत के श्रम बाजारों में गिरावट आई। इसके चलते बेरोजगारी दर फरवरी के 7.5 फीसदी से बढ़कर मार्च में 7.8 फीसदी हो गई। इसका प्रभाव श्रम बल भागीदारी दर में नजर आया, जोकि 39.9 फीसदी से गिरकर 39.8 फीसदी हो गया। उन्होंने कहा कि इससे फरवरी में रोजगार दर 36.9 फीसदी से गिरकर मार्च में 36.7 फीसदी हो गई। साथ ही रोजगार 40.99 करोड़ से घटकर 40.76 करोड़ रह गया।
हरियाणा में सबसे अधिक बेरोजगारी... राज्यों की बात करें तो हरियाणा में सबसे अधिक बेरोजगारी दर 26.8 फीसदी रही। इसके बाद राजस्थान में 26.4 फीसदी, जम्मू-कश्मीर में 23.1 फीसदी, सिक्किम में 20.7 फीसदी, बिहार में 17.6 फीसदी और झारखंड में 17.5 फीसदी रही।
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उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ में अच्छी स्थिति... उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर सबसे कम 0.8 फीसदी रही। इसके बाद पुडुचेरी 1.5फीसदी, गुजरात 1.8 फीसदी, कर्नाटक 2.3 फीसदी और मेघालय तथा ओडिशा में 2.6 फीसदी रही।