केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने अपनी पोस्ट में यूएई के नए विदेश व्यापार मंत्री बने डॉ थानी बिन अहमद अल जायौदी को उनकी नई जिम्मेदारी संभालने पर बधाई दी और कहा कि डॉ जायौदी का स्वागत करते हुए उन्हें गर्व महसूस हो रहा है।
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भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने बुनियादी ढांचा, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में व्यापार और निवेश बढ़ाने पर बातचीत की है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को अपनी एक्स हैंडल पोस्ट में यह जानकारी देते हुए लिखा कि दोनों देशों ने साझेदारी को और गहरा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
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केंद्रीय मंत्री गोयल ने अपनी पोस्ट में यूएई के नए विदेश व्यापार मंत्री बने डॉ थानी बिन अहमद अल जायौदी को उनकी नई जिम्मेदारी संभालने पर बधाई दी और कहा कि डॉ जायौदी का स्वागत करते हुए उन्हें गर्व महसूस हो रहा है। गोयल ने बताया, हम दोनों के बीच हुई चर्चा का मकसद मुख्य क्षेत्रों में निवेश और व्यापार बढ़ाना और हमने साथ मिलकर नए अवसर तलाशने और साझेदारी को और गहरा करने का वादा किया।
दोनों देशों का व्यापार हुआ दोगुना
भारत और यूएई के बीच हुए आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) को तीन साल पूरे हो गए। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अनुसार, द्विपक्षीय व्यापार 2020-21 में 43.3 अरब डॉलर से बढ़कर 2023-24 में 83.7 अरब डॉलर हो गया। मौजूदा वित्त वर्ष में जनवरी 2025 तक 80.5 अरब डॉलर का व्यापार हो चुका है।
गैर-तेल व्यापार की बड़ी छलांग
सीईपीए की सबसे बड़ी उपलब्धि गैर-तेल व्यापार का बढ़ना रहा। यह 2023-24 में 57.8 अरब डॉलर रहा। यह कुल व्यापार का आधे से अधिक हिस्सा है। सीईपीए के तहत अब लक्ष्य 2030 तक गैर-तेल व्यापार 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का है।
निर्यात को बढ़ावा देने वाले प्रमाणपत्र जारी
सीईपीए लागू होने के बाद से करीब 2,40,000 सर्टिफिकेट ऑफ ओरिजिन यानी मूल प्रमाण पत्र जारी किए गए। इसके तहत भारत ने यूएई को 19.87 अरब डॉलर का निर्यात किया है। इससे भारत के निर्यात में उछाल आया और देश का गैर-तेल निर्यात 2023-24 में 27.4 अरब डॉलर तक पहुंच गया। सीईपीए लागू होने के बाद इसमें औसतन 25.6 फीसदी की तेज वृद्धि दर्ज की गई।