देश का व्यापार घाटा छह माह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल के मुकाबले व्यापार घाटे में 120 करोड़ डॉलर की बढ़ोतरी देखने को मिली। व्यापार घाटा आयात और निर्यात हुए उत्पादों का अंतर होता है।
चार फीसदी बढ़ा निर्यात
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक मई माह में देश से होने वाले उत्पादों का निर्यात केवल चार फीसदी बढ़ कर तीन हजार करोड़ डॉलर के स्तर पर पहुंच पाया है। वहीं आयात में 4.3 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली और यह 4530 करोड़ डॉलर रहा। पिछले साल व्यापार घाटा 1420 करोड़ डॉलर था जो कि इस साल मई में बढ़कर 1540 करोड़ डॉलर हो गया है।
37.4 फीसदी बढ़ा सोने का आयात
हालांकि इस दौरान सोने का आयात 37.4 फीसदी बढ़ गया है। वहीं तेल के आयात में 8.2 फीसदी का उछाल देखने को मिला। जानकारों के मुताबिक चीन और अमेरिका के बीच व्यापार युद्ध की आशंका बढ़ने से यह असर देखने को मिला।
54.9 फीसदी गिरा अनाज का निर्यात
जिन उत्पादों के निर्यात में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली उनमें 54.9 फीसदी अन्य अनाज, 20.7 फीसदी काजू, 13.7 फीसदी चावल, 10.6 फीसदी मीट व डेयरी उत्पाद, 5.9 फीसदी मरीन उत्पाद, हैंडलूम और कपास के अलावा 3.79 फीसदी तंबाकू उत्पाद शामिल हैं।
इन सेक्टर में दिखी तेजी
हालांकि इस दौरान कई ऐसे उत्पाद भी थे, जिनका निर्यात काफी बढ़ गया है। इनमें 50.9 फीसदी इलेक्ट्रोनिक गुड्स, 20.6 फीसदी सभी तरह के केमिकल्स, 14.2 फीसदी रेडीमेड गारमेंट्स, 10.9 फीसदी दवाएं और 4.4 फीसदी इंजिनियरिंग गुड्स शामिल हैं।