पीएम मोदी और यूपीआई डिजिटल भुगतान प्रणाली
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फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को यूपीआई के बारे में बताते हुए पीएम मोदी (2024 की तस्वीर)
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दुनिया के सात देशों में शुरू हुई सेवा
यूपीआई अब भारत तक ही सीमित नहीं है। यह सेवा सात देशों में शुरू हो चुकी है। जिसमें यूएई, सिंगापुर, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस और मॉरिशस शामिल हैं। वहीं, फ्रांस में यूपीआई की शुरुआत भारत के लिए एक बड़ा कदम है, क्योंकि यह यूरोप में यूपीआई की पहली एंट्री है। अब वहां रह रहे भारतीय बिना किसी विदेशी पेमेंट झंझट के आसानी से भुगतान कर सकते हैं।
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ब्रिक्स देशों में विस्तार की तैयारी
पीआईबी के अनुसार भारत चाहता है कि यूपीआई को ब्रिक्स देशों का साझा डिजिटल पेमेंट सिस्टम बना दिया जाए। अगर ऐसा होता है, तो यह विदेशों से पैसे भेजने को आसान बनाएगा, वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देगा और भारत की डिजिटल लीडरशिप को और मजबूत करेगा।
जन-धन से शुरू हुई थी नींव
यूपीआई की इस सफलता की नींव वर्षों पहले जन धन योजना से रखी गई थी। इस योजना के तहत जुलाई 2025 तक 55.83 करोड़ बैंक खाते खोले जा चुके हैं। इन खातों ने करोड़ों लोगों को पहली बार बैंकिंग सुविधा दी, सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे खाते में मिलने लगा और लोगों को सुरक्षित बचत का विकल्प मिला।