नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया की ओर से विकसित किया गया यूपीआई यानी यूनिफाइट पेमेंट इंटरफेस मोबाइल के इस्तेमाल से एक खाते से दूसरे खाते में तत्काल भुगतान की सुविधा मुहैया कराने वाली प्रणाली है। जल्द ही यह सुविधा पड़ोसी देश मालदीव में भी उपलब्ध होगी। एनपीसीआई और मालदीव ने इसके लिए करार किया है।
भारत और मालदीव ने द्वीपसमूह राष्ट्र में यूपीआई से भुगतान शुरू करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि यह समझौता मालदीव के पर्यटक पर्यटन उद्योग पर बहुत सकारात्मक असर पड़ेगा। विदेश मंत्री एस जयशंकर के तीन दिवसीय मालदीव दौरे के दौरान शुक्रवार को इस समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किया गया।
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विदेशी मंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया, "मालदीव में डिजिटल भुगतान प्रणाली की शुरुआत के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) और मालदीव के आर्थिक विकास और व्यापार मंत्रालय ने एमओयू पर हस्ताक्षर किया है।"
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया की ओर से विकसित किया गया यूपीआई यानी यूनिफाइट पेमेंट इंटरफेस मोबाइल के इस्तेमाल से एक खाते से दूसरे खाते में तत्काल भुगतान की सुविधा मुहैया कराने वाली प्रणाली है।
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मालदीव के विदेश मंत्री मोसा जमीर से मुलाकात के बाद एक प्रेसवार्ता में जयशंकर ने कहा कि भारत ने अपने यूपीआई के जरिए डिजिटल लेनेदेन की दुनिया में एक क्रांति लेकर आई है। उन्होंने इस बात पर जोर देकर कहा कि भारत में यूपीआई की मदद से वित्तीय समावेशन एक नए स्तर पर चला गया है। उन्होंने कहा, "दुनिया के दुनिया में रियल टाइम डिजिटल भुगतान के 40% लेनदेन हमारे देश में किए जाते हैं।" जयशंकर ने कहा, " हम यह क्रांति अपने जीवन में हर दिन देखते हैं। मुझे खुशी है कि आज इस एमओयू पर हस्ताक्षर के साथ हम इस डिजिटल नवाचार को मालदीव में लाने की दिशा में पहला कदम बढ़ा दिया है।"
जयशंकर ने कहा कि मैं इस समझौते के लिए सभी हितधारकों को बधाई देता हैं और उम्मीद करता हूं कि बहुत जल्दी यहां (मालदीव) यूपीआई से लेनदेन होने लगेंगे। उन्होंने कहा, "इस सुविधा का पर्यटन क्षेत्र पर बहुत ही सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।" पर्यटन मालदीव की आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख स्रोत है। देश की जीडीपी में इसका योगदान 30% का है। देश के विदेशी मुद्रा भंडार का 60% इसी क्षेत्र से आता है।