7 चक्र और 3 सूत्रों पर आधारित होगा समिट
समिट की चर्चाएं सात प्रमुख विषयों- ह्यूमन कैपिटल, सोशल एम्पावरमेंट, सुरक्षित और भरोसेमंद AI, इनोवेशन, साइंस, AI रिसोर्सेज का लोकतंत्रीकरण और आर्थिक विकास पर आधारित होंगी।
पूरी रूपरेखा तीन सूत्रों पर टिकी है:
- पीपल (लोग): AI को मानव प्रगति और सांस्कृतिक विविधता के सम्मान के साथ जोड़ना।
- प्लैनेट (ग्रह): जिम्मेदार इनोवेशन को बढ़ावा देना।
- प्रोग्रेस (तरक्की): एआई के जरिए सबको विकास का समान अवसर मिले।
महिलाओं के लिए क्या है खास?
‘AI बाय हर’ पहल के तहत महिलाओं द्वारा संचालित शीर्ष 10 स्टार्टअप्स को कुल 25 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी, जिसमें प्रत्येक चयनित स्टार्टअप को 2.5 करोड़ रुपये का अनुदान मिलेगा। वहीं ‘AI फॉर ऑल’ कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समाधानों को बढ़ावा देना है, जो स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि जैसे अहम क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर ठोस बदलाव ला सकें; इसके लिए भी 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
आम लोगों के लिए क्या है खास?
AI इम्पैक्ट समिट 2026 आम लोगों के लिए भी खास अनुभव लेकर आएगा। करीब 70,000 वर्ग मीटर में फैले मेगा AI एक्सपो में 30 से अधिक देशों की 300 से ज्यादा कंपनियां हिस्सा लेंगी, जहां विजिटर्स लाइव डेमो के जरिए देख सकेंगे कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वास्तविक जीवन में कैसे काम करता है। छात्रों और युवाओं के लिए 'YUVAi' और 'AI for ALL' जैसे विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनका उद्देश्य पढ़ाई, स्किल डेवलपमेंट और करियर में AI टूल्स के उपयोग को समझाना है।
पांच दिनों के कार्यक्रम में 16 फरवरी को विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं के बीच राउंडटेबल चर्चा और 'इंडिया AI एक्सपो' का उद्घाटन होगा। 17 फरवरी को कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा, जेंडर सशक्तिकरण और दिव्यांग सहायता पर आधारित छह विशेष रिसर्च पुस्तकों का लोकार्पण किया जाएगा। 18 फरवरी को शीर्ष वैज्ञानिक और रिसर्चर अपनी नई रिसर्च प्रस्तुत करेंगे और कंपनियां AI तकनीक के लाइव डेमो देंगी। 19 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे और वैश्विक दिग्गजों के साथ अहम बैठकों में AI निवेश और रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा होगी। वहीं 20 फरवरी को GPAI काउंसिल की बैठक में सदस्य देश सुरक्षित, भरोसेमंद और जिम्मेदार AI के विकास पर मंथन करेंगे।