एसएंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस की निदेशक पॉलियाना डी लीमा का कहना है कि मांग की मजबूती ने भी स्थिति को बेहतर बनाया है, जो आर्थिक विकास की संभावनाओं के लिए अच्छा संकेत है।
एक मासिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि देश के सर्विस सेक्टर की गतिविधियों में अगस्त महीने में थोड़ी कमी आई है। हालांकि इस दौरान लगातार निर्यात में तेजी देखी जा रही है। जिसने कंपनियों के लिए, अपने कार्यबल को बढ़ाने के साथ-साथ उत्पादन का विस्तार करने के लिए भी उत्प्रेरक का काम किया है।
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सर्वेक्षण के अनुसार, अगस्त महीने में देश के सर्विस सेक्टर की विकास दर 60.1 फीसदी रही, जबकि जुलाई में यह 62.3 फीसदी थी। एस एंड पी ग्लोबल इंडिया सर्विसेज पीएमआई के बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स के अनुसार 2010 के मध्य से ही भारत के उत्पादन में तेजी देखी जा रही है। लगातार 25वें महीने मुख्य आकंड़ा तटस्थ आंकड़े 50 से ज्यादा रहा। परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स की भाषा में 50 से ऊपर का आंकड़ा विस्तार दर्शाता है। वहीं 50 से नीचे का आंकड़ा संकुचन को प्रदर्शित करता है।
एसएंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस की निदेशक पॉलियाना डी लीमा का कहना है कि मांग की मजबूती ने भी स्थिति को बेहतर बनाया है, जो आर्थिक विकास की संभावनाओं के लिए अच्छा संकेत है। बता दें कि बीती 10 अगस्त को, रिजर्व बैंक ने लगातार तीसरी बैठक में अपनी प्रमुख ब्याज दरों को अपरिवर्तित छोड़ दिया था। लीमा ने कहा कि अनुकूल मांग रुझानों के कारण भारतीय सेवाओं में पिछले छह सालों में तेज वृद्धि हुई है। इसके चलते रेपो दर में कटौती में संभावित देरी हो सकती है। भारत की सेवा अर्थव्यवस्ता में नियुक्तियों में विस्तार जारी रहा। रोजगार सृजन की दर मध्यम थी लेकिन पिछले नवंबर के बाद से इसमें तेजी देखी गई है।