Power Consumption: बिजली मंत्रालय ने गर्मी के मौसम में देश की बिजली मांग 229 गीगावॉट तक पहुंचने का अनुमान लगाया था। लेकिन बेमौसम बारिश के कारण इस साल अप्रैल-मई में मांग अनुमानित स्तर तक नहीं पहुंच पाई। देश में व्यापक बारिश के कारण इस साल मार्च, अप्रैल, मई और जून में बिजली की खपत पर असर पड़ा।
देश में बिजली की खपत इस वर्ष जुलाई में पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 8.4 प्रतिशत बढ़कर 139 अरब यूनिट हो गई। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, एक साल पहले बिजली की खपत 128.25 बिलियन यूनिट (बीयू) थी, जो जुलाई 2021 में 123.72 बीयू से अधिक थी।
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बिजली की अधिकतम मांग जो एक दिन में सबसे अधिक आपूर्ति है, जुलाई 2023 में बढ़कर 208.82 गीगावॉट हो गई। जुलाई 2022 में पीक पावर सप्लाई 190.35 गीगावॉट और जुलाई 2021 में 200.53 गीगावॉट थी। बिजली मंत्रालय ने गर्मी के मौसम में देश की बिजली मांग 229 गीगावॉट तक पहुंचने का अनुमान लगाया था। लेकिन बेमौसम बारिश के कारण इस साल अप्रैल-मई में मांग अनुमानित स्तर तक नहीं पहुंच पाई। देश में व्यापक बारिश के कारण इस साल मार्च, अप्रैल, मई और जून में बिजली की खपत पर असर पड़ा।
विशेषज्ञों ने कहा कि मार्च, अप्रैल, मई और जून में बेमौसम बारिश ने देश में बिजली की खपत को प्रभावित किया। हालांकि, उन्होंने कहा कि इस साल जून में बिजली खपत की वृद्धि उतनी खराब नहीं थी और जुलाई में इसमें काफी सुधार हुआ। विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश ने बिजली की मांग को कम कर दिया क्योंकि लोगों ने पिछले वर्ष की तुलना में कम शीतलन उपकरणों का उपयोग किया। हालांकि, उन्होंने कहा कि जुलाई में अत्यधिक आर्द्र परिस्थितियों के कारण बिजली की खपत और मांग में वृद्धि हुई, जिसके परिणामस्वरूप एयर कंडीशनर जैसे शीतलन उपकरणों का उपयोग एक दिन में अधिक समय तक किया गया। इसके अलावा, विशेषज्ञों ने उम्मीद जताई थी कि आर्थिक गतिविधियों में और सुधार के साथ-साथ उच्च आर्द्रता के स्तर के कारण अगस्त में बिजली की खपत और मांग बढ़ेगी।