No Appraisal: रिपोर्ट के एक अंश में कहा गया है, "प्रवेश स्तर के पेशेवरों (0-3 साल के अनुभव वालों) के लिए वेतन वृद्धि में एक दिलचस्प बात सामने आई है, 62 प्रतिशत लोगों ने दावा किया कि उन्हें इस साल कोई मूल्यांकन (अप्रेजल) नहीं मिला। जबकि दस प्रतिशत कर्मियों ने माना कि उन्हें 5-10 से प्रतिशत की वेतन वृद्धि मिली, जबकि 9 प्रतिशत को 0-5 प्रतिशत वेतन वृद्धि मिली।"
जॉब एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म फाउंडइट, जिसे पहले मॉन्स्टर एपीएसी और एमई के नाम से जाना जाता था ने अपनी नवीनतम रिपोर्ट में खुलासा किया कि भारत में 60 प्रतिशत से अधिक एंट्री लेवल कर्मचारियों को इस साल अप्रेज सीजन में वेतन वृद्धि नहीं मिली।
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रिपोर्ट के एक अंश में कहा गया है, "प्रवेश स्तर के पेशेवरों (0-3 साल के अनुभव वालों) के लिए वेतन वृद्धि में एक दिलचस्प बात सामने आई है, 62 प्रतिशत लोगों ने दावा किया कि उन्हें इस साल कोई मूल्यांकन (अप्रेजल) नहीं मिला। जबकि दस प्रतिशत कर्मियों ने माना कि उन्हें 5-10 से प्रतिशत की वेतन वृद्धि मिली, जबकि 9 प्रतिशत को 0-5 प्रतिशत वेतन वृद्धि मिली।"
इसके अलावा, रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनियां पारिश्रमिक में मौद्रिक वृद्धि के अलावा कर्मचारियों को मुआवजा देने के लिए वैकल्पिक तरीकों पर भी विचार कर रही हैं। फाउंडइट के सीईओ शेखर गरिसा के अनुसार, "फाउंडइट अप्रेजल ट्रेंड्स रिपोर्ट से पता चलता है कि कंपनियां वेतन वृद्धि के लिए अतिरिक्त और वैकल्पिक उपायों पर भी विचार कर रही हैं, जैसे कि ईएसओपी, बोनस और पदोन्नति ।"
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रिपोर्ट में कहा गया है कि मूल्यांकन प्राप्त नहीं करने वाले 49 प्रतिशत कर्मचारियों को उनके नियोक्ताओं की ओर से कर्मचारी स्टॉक स्वामित्व योजना (ईएसओपी) और बोनस के साथ प्रोत्साहित किया गया। इसके अलावा, बिना वेतन वृद्धि वाले 20 प्रतिशत लोगों को पदोन्नति की पेशकश की गई, जो दर्शाता है कि करियर के विकास के अवसरों को स्वतंत्र रूप से तत्काल वित्तीय पुरस्कारों के जरिए मुहैया कराया गया।
रिपोर्ट के अनुसार, सेक्टर वार ब्रेकडाउन की बात करें तो हेल्थकेयर और बीपीओ/आईटीईएस उद्योगों में अधिकांश कर्मचारियों ने इस साल वेतन वृद्धि हासिल की। स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में 29 प्रतिशत कर्मचारियों को 5-10 प्रतिशत जबकि 27 प्रतिशत कर्मचारियों को 10-15 प्रतिशत वेतन वृद्धि मिली है। बीपीओ/आईटीईएस उद्योग में, लगभग आधे उत्तरदाताओं यानी 49 प्रतिशत कर्मचारियों ने वित्त वर्ष 2023 में 0 से 5 प्रतिशत मूल्यांकन हासिल किया, जबकि 26 प्रतिशत को 5-10 प्रतिशत की वेतन वृद्धि मिली।