देश की अर्थव्यस्था में तेजी से उछाल आया है। इस वित्त वर्ष (2018-19) की पहली तिमाही में विकास 8.2 फीसदी दर्ज की गई है। इससे पहले पिछले वित्त वर्ष (2017-18) की आखिरी तिमाही में विकास दर 7.7 फीसदी दर्ज की गई थी। शुक्रवार को जारी आंकड़ो से केंद्र सरकार को बड़ी राहत मिली है।
GDP at constant (2011-12) prices in Q1 of 2018-19 is estimated at `33.74 lakh crore, as against `31.18 lakh crore in Q1 of 2017-18, showing a growth rate of 8.2 percent. pic.twitter.com/qpasH0OA4Z
कोर सेक्टर की ग्रोथ में गिरावट दर्ज की गई है। जुलाई में कोर सेक्टर ग्रोथ 6.6 फीसदी रही है। महीने दर महीने आधार पर कोर इंडस्ट्री ग्रोथ 7.6 फीसदी से घटकर 6.6 फीसदी हो गई है। बता दें कि जून की कोर इंडस्ट्रीज ग्रोथ 6.7 फीसदी से संसोधित करके 7.6 फीसदी की गई है।
महीने दर महीने आधार पर जुलाई में कोयला उत्पादन की ग्रोथ 11.5 फीसदी से घटकर 9.7 फीसदी रही है। महीने दर महीने आधार पर जुलाई में कच्चे तेल के उत्पादन की ग्रोथ 3.4 फीसदी के मुकाबले 5.4 फीसदी रही है।