वैश्विक प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद भारत का निर्यात सितंबर महीने में 6.74 प्रतिशत बढ़कर 36.38 अरब डॉलर हो गया। बुधवार को सरकार की ओर से इसके आंकड़े जारी किए गए।
हालांकि, आंकड़ों के अनुसार, वस्तु आयात 16.7 प्रतिशत बढ़कर 68.53 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 58.74 अरब अमेरिकी डॉलर था। इसका मतलब यह है कि व्यापार घाटा 30.37 प्रतिशत बढ़कर 24.66 अरब डॉलर हो गया, जबकि पिछले वर्ष यह 32.15 अरब डॉलर था।
निर्यात और आयात के बीच बढ़ते अंतर ने व्यापार घाटे में उल्लेखनीय वृद्धि में योगदान दिया। आंकड़ों के अनुसार, सोना, चांदी, उर्वरक और इलेक्ट्रॉनिक्स के आयात में वृद्धि देखी गई है। आंकड़ों पर बोलते हुए वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि इस वित्तीय वर्ष के पहले 6 महीनों में भारत ने पिछले वर्ष के पहले 6 महीनों की तुलना में 413.30 अरब डॉलर का कुल निर्यात हासिल किया, जो 4.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करता है।
विकास की संभावनाओं पर बोलते हुए वाणिज्य सचिव ने कहा कि उद्योग लचीला रहा है, आपूर्ति श्रृंखला कायम रही है। हम बेहतर कर रहे हैं। निर्यात और आयात के बीच बढ़ता अंतर आयातित वस्तुओं और सेवाओं की निरंतर मांग को उजागर करता है, जबकि भारत का निर्यात वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच लचीलापन प्रदर्शित करता है।