पेट्रोलियम व रत्न-आभूषण क्षेत्रों के लचर प्रदर्शन से देश का निर्यात सालाना आधार पर सितंबर, 2023 में 2.6 फीसदी घटकर 34.47 अरब रह गया। जिसों की कीमतों में गिरावट से आयात भी 15 फीसदी कम होकर 53.84 अरब डॉलर रहा। आयात में यह लगातार 10वें माह गिरावट है। इससे देश का व्यापार घाटा कम होकर पांच महीने के निचले स्तर 19.37 अरब डॉलर रह गया। अगस्त, 2023 में यह बढ़कर 10 माह के उच्च स्तर 24.16 अरब डॉलर पर पहुंच गया था।
सरकार की ओर से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल सितंबर में देश से 35.39 अरब डॉलर का निर्यात किया गया था। वहीं, 63.37 अरब डॉलर का आयात हुआ था। वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने कहा कि सितंबर के आंकड़े बता रहे हैं कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद निर्यात के मोर्चे पर आशा की किरण नजर आ रही है। आयात में गिरावट के कारणों पर उन्होंने कहा कि देश के आयात में कमी लाने की नीति अच्छी तरह से काम कर रही है। इसके अलावा, कच्चे तेल सहित जिंसों की वैश्विक बाजार कीमतें भी कम हो गई हैं।
रत्न-आभूषणों का निर्यात 16.03% घटा
सितंबर में रत्न-आभूषणों का निर्यात 16.03 फीसदी घटकर 3.18 अरब डॉलर रह गया। पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात 10.59 फीसदी गिरकर 6.49 अरब डॉलर पर आ गया। इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों, मसाले और फल-सब्जी के निर्यात में भी गिरावट दर्ज की गई है।
पहली छमाही में 8.77 फीसदी घटा निर्यात
चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल-सितंबर में निर्यात 8.77% घटकर 211.4 अरब डॉलर रह गया। आयात भी 12.23 फीसदी कम होकर 326.98 अरब डॉलर रहा। देश का व्यापार घाटा 115.58 अरब डॉलर रहा।
कच्चे तेल की खरीद 20.32 फीसदी घटी
पेट्रोलियम और क्रूड आयात सितंबर में 20.32 फीसदी गिरकर 13.9 अरब डॉलर रहा। खाद्य तेल का आयात 24.11 फीसदी कम होकर 1.47 अरब डॉलर रह गया। चांदी के आयात में 89.94 फीसदी कमी आई है। उर्वरक आयात में भी गिरावट रही।
दूसरी छमाही में होगी सकारात्मक बढ़ोतरी
बर्थवाल ने कहा, भारत का निर्यात क्षेत्र अच्छा कर रहा है। कार्यालय उपकरणों के लिए तुर्किये व दवा निर्माण के लिए फिनलैंड, माल्टा व फिलीपीन जैसे नए बाजारों में भी प्रवेश कर रहा है। चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में देश के निर्यात में सकारात्मक वृद्धि की उम्मीद है। अप्रैल, मई, जून, जुलाई में जो गिरावट दोहरे अंकों में था, वह अब इकाई अंकों में है।
ब्राजील के साथ 50 अरब डॉलर का व्यापार संभव
वाणिज्य सचिव ने कहा, भारत व ब्राजील 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को तीन गुना से अधिक बढ़ाकर 50 अरब डॉलर करने के लक्ष्य पर विचार कर रहे हैं। बर्थवाल ने कहा, वर्तमान में इस्राइल-हमास संघर्ष के कारण वैश्विक आपूर्ति पर ज्यादा असर नहीं दिख रहा है। मौजूदा तनाव पर हम करीब से नजर रखे हुए हैं।
देश में महिला श्रम बल की भागीदारी 4.2% बढ़कर 37 प्रतिशत हुई
सरकार ने शुक्रवार को कहा कि देश में महिला श्रम बल की भागीदारी दर 2023 में 4.2 प्रतिशत बढ़कर 37 प्रतिशत हो गई है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, महिला श्रम बल भागीदारी दर 2017-18 में 23.3 प्रतिशत से बढ़कर 2018-19 में 24.5 प्रतिशत हो गई; 2019-20 में 30 प्रतिशत से 2020-21 में 32.5 प्रतिशत और 2021-22 में 32.8 प्रतिशत से 2022-23 में 37 प्रतिशत हो गया।
मंत्रालय ने कहा, ''सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय द्वारा नौ अक्टूबर, 2022 को जारी आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण रिपोर्ट 2022-23 से पता चलता है कि श्रम बल भागीदारी को मापने की सामान्य स्थिति की अवधारणा के अनुसार देश में महिला श्रम बल भागीदारी दर 2023 में 4.2 प्रतिशत अंक बढ़कर 37 प्रतिशत हो गई है।"