उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि विकास के आंकड़ों ने कुछ वर्गों की ओर से किए गए दावों को खारिज कर दिया है। यह दर्शाता है कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है। उन्होंने कहा कि सरकारी सुधारों और विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने से दूसरी तिमाही में 8.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई।
वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जारी हुई जीडीपी आंकड़ों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकारी सुधारों और विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने से दूसरी तिमाही में 8.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई। गोयल ने दावा किया कि व्यापार मोर्चे पर वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद देश का निर्यात अच्छी वृद्धि दर्ज कर रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि विकास के आंकड़ों ने कुछ वर्गों की ओर से किए गए दावों को खारिज कर दिया है। यह दर्शाता है कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है। हम निरंतर वृद्धि देखना जारी रखेंगे।
जीएसटी में भी मजबूत वृद्धि दर्ज की गई
गोयल ने बताया कि भारत के जीएसटी में भी इस वित्त वर्ष में अप्रैल-अक्तूबर के दौरान उच्च वृद्धि दर्ज की गई है। इस दौरान वस्तु निर्यात मामूली रूप से 0.63 प्रतिशत बढ़कर 254.25 अरब डॉलर हो गया, व आयात 6.37 प्रतिशत बढ़कर 451.08 अरब डॉलर हो गया। इस वित्तीय वर्ष के पहले नौ महीनों के दौरान, सेवाओं का निर्यात 237.55 अरब डॉलर रहा, वहीं अप्रैल-अक्तूबर 2024 में यह 216.45 अरब डॉलर था।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जीडीपी में 8.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो कि इससे पूर्व अप्रैल-जून तिमाही में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि के बाद आई है। इससे भारत को विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था का खिताब बरकरार रखने में मदद मिली है।
त्योहारों से पहले बढ़ी खपत और जीएसटी सुधारों से मांग में आई मजबूती
यह उछाल त्योहारों से पहले बढ़ी खपत और हाल में लागू जीएसटी सुधारों से संभव हुआ, जिसने बाजार में अतिरिक्त मांग पैदा की और आर्थिक गतिविधियों को गति दी। यह विस्तार, चीन के 4.8 प्रतिशत से अधिक रहा। यह उच्च सार्वजनिक निवेश, सेवाओं की मांग, औद्योगिक उत्पादन और फर्म उपभोग के अलावा निम्न आधार के सांख्यिकीय प्रभावों (पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में अर्थव्यवस्था औसत से कम 5.6 प्रतिशत की दर से बढ़ी थी) के कारण हुआ।
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विनिर्माण उत्पादन में 9.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि पिछली तिमाही में यह 7.7 प्रतिशत और पिछले वर्ष की समान तिमाही में 7.6 प्रतिशत थी। वहीं निर्माण क्षेत्र में 7.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि पिछली तिमाही में यह 7.6 प्रतिशत थी।