US Tariffs Pause: भारतीय समुद्री खाद्य निर्यातक संघ के महासचिव केएन राघवन टैरिफ पर 90 दिन की रोक के बाद निर्यातकों को काफी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि हम अब आयात शुल्क के मामले में अमेरिका के अन्य निर्यातकों की बराबरी पर पहुंच गए हैं। अब रोके गए शिपमेंट पर काम किया जाएगा। उन्होंने आगे क्या कहा, आइए जानते हैं।
डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारत पर लगाए गए जवाबी टैरिफ पर 90 दिनों की रोक के बाद भारतीय कारोबारी झींगे की एक बड़ी खेप अमेरिका भेजने की तैयारी में हैं। जानकारों के अनुसार भारत के समुद्री खाद्य निर्यातक अमेरिका को 35,000-40,000 टन झींगा भेजने की तैयारी कर रहे हैं। उद्योग से जुड़े लोगों के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से 26 प्रतिशत पारस्परिक शुल्क लगाने की योजना पर रोक लगाने और शुल्क को घटाकर 10 प्रतिशत करने के बाद ऑर्डर की संख्या स्थिर है।
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भारतीय समुद्री खाद्य निर्यातक संघ के महासचिव केएन राघवन ने पीटीआई-भाषा से बातचीत में कहा, "अब हमें काफी राहत मिली है, क्योंकि हम अब आयात शुल्क के मामले में अमेरिका के अन्य निर्यातकों के बराबरी पर पहुंच गए हैं। अब रोके गए शिपमेंट पर काम किया जाएगा।"
उन्होंने कहा कि देरी से भेजे गए झींगा के लगभग 2,000 कंटेनरों को अब निर्यात के लिए तैयार किया जा रहा है। ट्रम्प ने 2 अप्रैल को उच्च टैरिफ की घोषणा करने के एक सप्ताह बाद ही 9 अप्रैल को टैरिफ को रोकने का निर्णय लिया था। अस्थायी राहत के तहत चीन को छोड़कर सभी देशों पर 10 प्रतिशत का व्यापक टैरिफ लागू रहेगा, क्योंकि चीन पर 145 प्रतिशत शुल्क लगता है।
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वर्तमान में, अमेरिका को भारतीय झींगा निर्यात पर 17.7 प्रतिशत का प्रभावी सीमा शुल्क लगता है, जिसमें 5.7 प्रतिशत प्रतिकारी शुल्क और 1.8 प्रतिशत एंटी-डंपिंग शुल्क शामिल है। उद्योग सूत्रों ने बताया कि भारतीय निर्यातक आमतौर पर डिलीवरी शुल्क-भुगतान व्यवस्था के तहत टैरिफ लागत वहन करते हैं। जिसका अर्थ है कि पहले से अनुबंधित शिपमेंट को उच्च टैरिफ के कारण अतिरिक्त खर्चों का सामना करना पड़ता।
उद्योग के एक प्रतिनिधि ने कहा, "90 दिन की रोक निर्यातकों को बिना किसी अतिरिक्त लागत के इन ऑर्डरों को पूरा करने का अवसर प्रदान करता है।" एसोसिएशन ने बताया कि अमेरिका से ऑर्डर में कोई कमी नहीं आई है। अमेरिका मात्रा और मूल्य दोनों के लिहाज से भारत का सबसे बड़ा झींगा बाजार बना हुआ है। भारत ने वित्त वर्ष 2023-24 में अमेरिका को 2.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर का झींगा निर्यात किया। राघवन ने सरकार से आग्रह किया कि वह टैरिफ स्थगन समाप्त होने से पहले आगामी व्यापार वार्ता के दौरान देश के समुद्री खाद्य निर्यात के लिए "समान अवसर" सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित करे।