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S&P: भारत का विनिर्माण क्षेत्र वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षक,अंतरराष्ट्रीय व्यापार नीति में बदलावों से लाभ

Tue, 20 May 2025 04:38 AM IST
शिव शुक्ला बिजनेस डेस्क, अमर उजाला

सार

विनिर्माण मूल्य संवर्धन की देश की वास्तविक जीडीपी में 17.2 फीसदी हिस्सेदारी है। सरकार ने घरेलू विनिर्माण क्षमता का निर्माण करने और वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं में भारत की भूमिका को मजबूत करने के लिए लक्षित नीतिगत उपाय लागू किए हैं।
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विनिर्माण क्षेत्र - फोटो : Freepic
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विस्तार
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भारत ने अपने विनिर्माण क्षेत्र को वैश्विक निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक बनाने में उल्लेखनीय प्रगति की है। वैशि्वक व्यापार नीति में बदलावों से भारत को लंबे समय में लाभ होगा। एसएंडपी ग्लोबल इंडिया ने सोमवार को एक अध्ययन में कहा, अर्थव्यवस्थाओं के खुद को बदलते व्यापार के हिसाब से ढालने एवं शुल्क चुनौतियों के अनुकूल होने के साथ भारत विनिर्माण बढ़ाने और वैश्विक आपूर्ति शृंखला एकीकरण के लिए इस मौके का लाभ उठा सकता है। स्थानीय स्तर पर काम कराने, बाजारों से निकटता और क्षेत्रीय एकीकरण से इस क्षेत्र में अतिरिक्त निवेश आएगा। इससे भारत की तकनीकी उन्नति और विनिर्माण प्रतिस्पर्धा में तेजी आएगी।  

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उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार के बनेंगे मौके
अध्ययन में कहा गया है कि आगे चलकर वैश्विक व्यापार नीति में बदलाव से आपूर्ति शृंखला में विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा, जो भारत के लिए काफी लाभकारी साबित होगा। इस दौरान विनिर्माण क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार के अवसर तैयार होंगे।

बाहरी व्यापार पर भारत की कम निर्भरता
एसएंडपी ग्लोबल ने कहा, 2024-25 में वास्तविक जीडीपी की धीमी वृद्धि के बावजूद भारत सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना हुआ है। हालांकि, वृद्धि के लिहाज से भारत की बाहरी व्यापार पर कम निर्भरता है। यह इसे वैश्विक व्यापार और टैरिफ नीतियों में चल रहे बदलावों से कुछ हद तक बचाती है।
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विनिर्माण क्षमता मजबूत करने पर सरकार का जोर
विनिर्माण मूल्य संवर्धन की देश की वास्तविक जीडीपी में 17.2 फीसदी हिस्सेदारी है। सरकार ने घरेलू विनिर्माण क्षमता का निर्माण करने और वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं में भारत की भूमिका को मजबूत करने के लिए लक्षित नीतिगत उपाय लागू किए हैं। उच्च आवृत्ति वाले खरीद प्रबंधक सूचकांक के आंकड़े अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में चुनौतियों के प्रति घरेलू विनिर्माण के लचीलेपन को उजागर करते हैं।

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