वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत काफी अच्छी स्थिति में है और खुदरा निवेशकों को बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद लंबे समय तक इसमें निवेश बनाए रखना चाहिए। बाजार नियामक सेबी के अध्यक्ष तुहिन कांत पांडे ने मंगलवार को यह बात कही।
पांडे ने पीटीआई के साथ विशेष साक्षात्कार में कहा कि टैरिफ युद्ध के कारण दुनिया भर के बाजारों पर प्रभाव पड़ने के बाद से भारत ने काफी लचीलापन दिखाया है। बाजार नियामक ने देश की आर्थिक मजबूती पर प्रकाश डालते हुए कहा, "मैं कहूंगा कि... वैश्विक प्रतिकूलताओं के बावजूद भारत काफी अच्छी स्थिति में है।"
पांडे ने कहा कि यह खुदरा निवेशकों के लिए "सीखने का अवसर" साबित होगा। उन्होंने निवेशकों को लंबी अवधि तक के लिए निवेश बनाए रखने की सलाह दी है। इस वर्ष मार्च में सेबी के अध्यक्ष का पदभार संभालने वाले नौकरशाह से नियामक बने तुहिन कांत पांडे ने कहा, "यदि वे (निवेशक) यही रणनीति अपनाते हैं, तो वे अल्पावधि में घबराने के बजाय निश्चित रूप से बेहतर स्थिति में होंगे।"
उन्होंने कहा कि खुदरा निवेशकों को बेहतर जागरूकता लाने और उचित जानकारी के साथ दांव लगाने की भी जरूरत है। वायदा एवं विकल्प कारोबार का उदाहरण देते हुए, जहां खुदरा निवेशकों ने सट्टे जैसा दांव लगाया और 90 प्रतिशत से अधिक कारोबार में पैसा गंवाया, सेबी अध्यक्ष ने कहा कि किसी को कैसीनो में होने जैसा व्यवहार नहीं करना चाहिए। पांडे ने कहा कि इस मोर्चे पर सेबी के उपाय कुछ हद तक प्रभावी रहे हैं। साल दर साल कारोबार में गिरावट आई है। उन्होंने बताया कि दो साल पहले की तुलना में अभी भी गतिविधि अधिक है।
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