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SEBI: 'भारत काफी अच्छी स्थिति में; खुदरा निवेशकों को लंबे समय तक निवेश में बने रहना चाहिए', बोले सेबी अध्यक्ष

Tue, 29 Apr 2025 07:34 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/मुंबई

सार

SEBI Chairman: वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत काफी अच्छी स्थिति में है और खुदरा निवेशकों को बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद लंबे समय तक इसमें निवेश बनाए रखना चाहिए। बाजार नियामक सेबी के अध्यक्ष तुहिन कांत पांडे ने मंगलवार को यह बात कही। सेबी अध्यक्ष ने खुदरा निवेशकों के बारे में और क्या कहा, आइए इस बारे में जानते हैं।
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तुहिन कांत पांडे - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत काफी अच्छी स्थिति में है और खुदरा निवेशकों को बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद लंबे समय तक इसमें निवेश बनाए रखना चाहिए। बाजार नियामक सेबी के अध्यक्ष तुहिन कांत पांडे ने मंगलवार को यह बात कही।

सेबी अध्यक्ष बोले- टैरिफ की चिंताओं के बावजूद भारतीय बाजार में लचीलापन

पांडे ने पीटीआई के साथ विशेष साक्षात्कार में कहा कि टैरिफ युद्ध के कारण दुनिया भर के बाजारों पर प्रभाव पड़ने के बाद से भारत ने काफी लचीलापन दिखाया है। बाजार नियामक ने देश की आर्थिक मजबूती पर प्रकाश डालते हुए कहा, "मैं कहूंगा कि... वैश्विक प्रतिकूलताओं के बावजूद भारत काफी अच्छी स्थिति में है।"

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पांडे ने कहा कि इनमें सतत आर्थिक वृद्धि, कम राजकोषीय घाटा, उचित बाह्य ऋण, दोहरी बैलेंस शीट की समस्या का न होना तथा प्रबंधनीय चालू खाता घाटा आदि शामिल हैं। उन्होंने कहा कि देश विभिन्न द्विपक्षीय व्यापार सौदों पर भी बातचीत कर रहा है।
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उन्होंने कहा, "इसमें कोई संदेह नहीं है कि भू-आर्थिक विखंडन के साथ-साथ विशेष रूप से अमेरिका की ओर से किए गए एलानों के कारण वैश्विक स्तर पर प्रतिकूल परिस्थितियां बनीं।" खुदरा निवेशकों पर चल रही अस्थिरता के प्रभाव के बारे में पांडे ने माना कि कई निवेशक हाल ही में बाजार से जुड़े हैं और उन्होंने कोई मंदी नहीं देखी है।

वर्तमान हालात खुदरा निवेशकों के लिए सीखने का अवसर

पांडे ने कहा कि यह खुदरा निवेशकों के लिए "सीखने का अवसर" साबित होगा। उन्होंने निवेशकों को लंबी अवधि तक के लिए निवेश बनाए रखने की सलाह दी है। इस वर्ष मार्च में सेबी के अध्यक्ष का पदभार संभालने वाले नौकरशाह से नियामक बने तुहिन कांत पांडे ने कहा, "यदि वे (निवेशक) यही रणनीति अपनाते हैं, तो वे अल्पावधि में घबराने के बजाय निश्चित रूप से बेहतर स्थिति में होंगे।"

उन्होंने कहा कि खुदरा निवेशकों को बेहतर जागरूकता लाने और उचित जानकारी के साथ दांव लगाने की भी जरूरत है। वायदा एवं विकल्प कारोबार का उदाहरण देते हुए, जहां खुदरा निवेशकों ने सट्टे जैसा दांव लगाया और 90 प्रतिशत से अधिक कारोबार में पैसा गंवाया, सेबी अध्यक्ष ने कहा कि किसी को कैसीनो में होने जैसा व्यवहार नहीं करना चाहिए। पांडे ने कहा कि इस मोर्चे पर सेबी के उपाय कुछ हद तक प्रभावी रहे हैं। साल दर साल कारोबार में गिरावट आई है। उन्होंने बताया कि दो साल पहले की तुलना में अभी भी गतिविधि अधिक है।

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सेबी अध्यक्ष से जब व्यवस्थित निवेश योजना (एसआईपी) प्रवाह में नरमी और खुदरा निवेशकों की निराशा के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "हमें यह समझना चाहिए कि निवेशक अपने निर्णय स्वयं ले रहे हैं और अपनी परिसंपत्ति आवंटन में विविधता ला रहे हैं।"

उन्होंने कहा कि खुदरा निवेशकों को बुद्धिमान और सुशिक्षित होने की जरूरत है। उन्हें ऊंचे रिटर्न के झूठे वादों से आकर्षित नहीं होना चाहिए और कभी भी "वित्तीय सलाहकार" के रूप में कार्य करने वाली अपंजीकृत संस्थाओं से प्रभावित नहीं होना चाहिए।

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