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Forex: भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में उछाल, कुल रिजर्व 687 अरब डॉलर के पार पहुंचा; जानिए क्या कह रहे आंकड़े

Fri, 16 Jan 2026 06:31 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Forex Reserves: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 9 जनवरी को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 392 मिलियन डॉलर बढ़कर 687.19 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। सोने के भंडार के मूल्य में आई भारी तेजी ने कुल भंडार को सहारा दिया है।
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विदेशी मुद्रा भंडार - फोटो : Agency
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विस्तार
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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, देश के विदेशी मुद्रा भंडार में पिछले सप्ताह की भारी गिरावट के बाद एक बार फिर सुधार देखने को मिला है। 9 जनवरी, 2025 को समाप्त रिपोर्टिंग सप्ताह के दौरान, भारत का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 392 मिलियन डॉलर की वृद्धि के साथ 687.19 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है।

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फॉरेक्स रिजर्व में यह रिकवरी पिछले रिपोर्टिंग सप्ताह की तुलना में महत्वपूर्ण है, जब विदेशी मुद्रा भंडार के कुल किटी में 9.809 अरब डॉलर की बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। ताजा आंकड़ों से संकेत मिलता है कि वैश्विक आर्थिक उतार-चढ़ाव के बीच भारत की बाहरी मोर्चे पर आर्थिक स्थिति मजबूत बनी हुई है।

स्वर्ण भंडार में कितना इजाफा?
इस सप्ताह विदेशी मुद्रा भंडार में हुई वृद्धि का प्राथमिक कारण स्वर्ण भंडार के मूल्य में आया उछाल रहा। आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान देश के स्वर्ण भंडार (Gold Reserves) का मूल्य 1.568 अरब डॉलर बढ़कर 112.83 अरब डॉलर के उच्च स्तर पर पहुंच गया है। सोने के मूल्यांकन में इस वृद्धि ने अन्य घटकों में हुई कमी की भरपाई करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों का क्या हाल?
भंडार के सबसे बड़े घटक, विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (FCA) में इस सप्ताह गिरावट देखी गई। आंकड़ों के अनुसार:

  • विदेशी मुद्रा आस्तियां (FCA) 1.124 अरब डॉलर घटकर 550.866 अरब डॉलर रह गईं।
  • FCA में होने वाले बदलावों में डॉलर के मुकाबले यूरो, पाउंड और येन जैसी अन्य वैश्विक मुद्राओं के मूल्य में होने वाली वृद्धि या गिरावट का सीधा प्रभाव शामिल होता है।

अन्य घटकों की क्या स्थिति?
विदेशी मुद्रा भंडार के अन्य छोटे घटकों में भी मामूली कमी दर्ज की गई है-

  • विशेष आहरण अधिकार (SDR): अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के पास रखे गए एसडीआर में 39 मिलियन डॉलर की कमी आई, जिससे यह 18.739 अरब डॉलर पर आ गया।
  • IMF के पास रिजर्व पोजीशन: आईएमएफ के साथ भारत की आरक्षित स्थिति भी 13 मिलियन डॉलर घटकर 4.758 अरब डॉलर रह गई।

फॉरेक्स रिजर्व बढ़ने के क्या मायने?
687 अरब डॉलर से अधिक का मुद्रा भंडार भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक मजबूत 'बफर' का काम करता है। यह न केवल भारतीय रुपये को वैश्विक बाजार की अस्थिरता से सुरक्षा प्रदान करता है, बल्कि देश की आयात क्षमता को भी सुनिश्चित करता है। सोने के भंडार का मूल्य बढ़ना यह दर्शाता है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में सुधार हुआ है, जो केंद्रीय बैंक की परिसंपत्तियों के विविधीकरण की रणनीति को मजबूती प्रदान करता है। हालांकि, विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में आई कमी यह संकेत देती है कि अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं की तुलना में डॉलर की चाल और मूल्यांकन का प्रभाव अभी भी बना हुआ है।

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