फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एयरलाइनों को बड़ी राहत: सरकार ने विमान ईंधन का दाम 115 रुपये प्रति लीटर तय किया, समझिए क्या है मामला

Thu, 04 Jun 2026 08:43 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सरकार ने एयरलाइनों के लिए विमानन टरबाइन ईंधन की कीमत 115 रुपये प्रति लीटर तय की है। यह योजना 10,000 करोड़ रुपये के कोष से वैश्विक ईंधन लागत में उतार-चढ़ाव से बचाएगी, जिससे हवाई किराए में स्थिरता आएगी।
विज्ञापन
विमानन व तेल विपणन कंपनियों को सरकार की मदद - फोटो : amarujala.com
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सरकार ने घरेलू एयरलाइनों के लिए विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) की कीमत तय कर दी है। यह नई मूल्य स्थिरीकरण योजना वैश्विक तनाव के बाद ईंधन लागत बढ़ने से कंपनियों का बचाव करेगी। इसके तहत एयरलाइनों को अगले तीन वर्षों तक निश्चित दर पर ईंधन मिलेगा।

विज्ञापन


इस स्वैच्छिक योजना के तहत, भाग लेने वाली एयरलाइनें दिल्ली में करीब 115 रुपये प्रति लीटर की प्रभावी कीमत पर ईंधन खरीद सकेंगी। मुंबई में यह दर 114.5 रुपये और चेन्नई में 139 रुपये प्रति लीटर होगी। वर्तमान में दिल्ली में विमानन टरबाइन ईंधन की कीमत करीब 105 रुपये प्रति लीटर है। योजना में शामिल न होने वाली एयरलाइनों को मौजूदा अंतरराष्ट्रीय दर करीब 142 रुपये प्रति लीटर चुकानी होगी।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 10,000 करोड़ रुपये के ईंधन मूल्य स्थिरीकरण कार्यक्रम को मंजूरी दी है। यह कार्यक्रम सरकारी तेल विपणन कंपनियों को वित्तीय सहायता प्रदान करेगा। इससे वे भारतीय एयरलाइनों को निश्चित मूल्य पर जेट ईंधन उपलब्ध करा सकेंगी। यह घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों परिचालनों के लिए लागू होगा।

क्या है योजना का मकसद?

नागरिक उड्डयन मंत्रालय के निदेशक रोहित राज ने बताया कि घरेलू परिचालनों के लिए आधार मूल्य 86.32 रुपये प्रति लीटर तय हुआ है। अंतरराष्ट्रीय परिचालनों के लिए यह 104.49 रुपये प्रति लीटर होगा। यह व्यवस्था एयरलाइनों को ईंधन लागत पर अधिक निश्चितता देगी। इससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क बनाए रखने में मदद मिलेगी। यह यात्रियों को ईंधन मूल्य के झटकों से भी बचाएगा।

कंपनियों को वित्तीय सहायता कैसे मिलेगी?

तेल विपणन कंपनियों को 10,000 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त अग्रिम दिया जाएगा। उच्च ईंधन कीमतों के दौरान भुगतान की गई राशि की वसूली की जाएगी। अंतरराष्ट्रीय कीमतें सामान्य होने पर यह राशि भारत के समेकित कोष में वापस की जाएगी। यह योजना 36 महीने तक या अग्रिम राशि की पूरी वसूली तक लागू रहेगी। यह एक अस्थायी स्व-सुधार व्यवस्था है, न कि कोई अनुदान।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें