भारतीय अर्थव्यवस्था (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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कोविड-19 महामारी के कारण दुनिया की अर्थव्यवस्था भले ही लड़खड़ाई हो, लेकिन भारत की वित्तीय संपत्ति इस दौरान 11 फीसदी बढ़ी। बोस्टन परामर्श समूह (बीसीजी) ने मंगलवार को बताया कि 2015-2020 तक भारत की वित्तीय संपत्ति 11 फीसदी दर से बढ़कर 34 खरब डॉलर पहुंच गई है।
बीसीजी ने दावा किया है कि 2021 से भारत की संपत्ति सालाना 10 फीसदी दर से आगे बढ़ेगी और वर्ष 2025 तक भारत 55 खरब डॉलर वाली अर्थव्यवस्था बन जाएगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि महामारी के दबाव के बावजूद अगले पांच साल तक भारत की संपत्ति और समृद्धि में तेजी से बढ़ोतरी होगी।
बीसीजी ने ग्लोबल वेल्थ 2021 रिपोर्ट में कहा, दुनियाभर में भारत की संपत्ति वृद्धि दर फीसदी के लिहाज से सबसे ज्यादा रहेगी। 2015-20 तक भारत की रियल एस्टेट संपत्ति 12 फीसदी बढ़कर 124 खरब डॉलर पहुंच गई है।
सालाना 9.4 फीसदी बढ़ेगा कर्ज
भारत पर कर्ज का बोझ भी लगातार बढ़ रहा है। 2020 तक यह 13.3 फीसदी सालाना की दर से बढ़कर 9 खरब डॉलर हो गई, जबकि 2025 तक यह 9.4 फीसदी की दर से बढ़कर 13 खरब डॉलर पहुंच जाएगी। भविष्य में बॉन्ड की ब्याज दर सबसे ज्यादा 15.1 फीसदी होगी, जबकि जीवन बीमा और पेंशन सबसे बड़े एसेट क्लास होंगे।