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External Debt: भारत का विदेशी ऋण बढ़कर 717.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर हुआ; वित्त मंत्रालय ने जारी किए आंकड़े

Mon, 31 Mar 2025 05:52 PM IST
ज्योति भास्कर बिजनेस डेस्क, अमर उजाला

सार

भारत का विदेशी ऋण दिसंबर 2024 के अंत तक 717.9 अरब डॉलर हो गया। दिसंबर 2023 की तुलना में ये 10.7 फीसदी अधिक है। दिसंबर 2023 में भारत का विदेशी ऋण 648.7 अरब डॉलर था। 
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विस्तार
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तिमाही विदेशी ऋण रिपोर्ट के मुताबिक सितंबर 2024 के अंत में विदेशी ऋण में 0.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई। पिछले साल इसी समय भारत का विदेशी लोन 712.7 अरब डॉलर था। दिसंबर 2024 के अंत में विदेशी ऋण और जीडीपी का अनुपात 19.1 प्रतिशित रहा। सितंबर में यह 19 फीसदी था। 
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बकाया ऋण से जुड़ी इस रिपोर्ट
वित्त मंत्रालय ने कहा कि केंद्र सरकार के बकाया बाहरी ऋण में कमी आई है। हालांकि, गैर-सरकारी क्षेत्र का बकाया ऋण दिसंबर 2024 के अंत में सितंबर 2024 के अंत के स्तर से अधिक हो गया। बकाया ऋण से जुड़ी इस रिपोर्ट के मुताबिक गैर-वित्तीय निगमों के बकाया ऋण का हिस्सा 36.5 प्रतिशत था। इसके बाद 27.8 फीसदी लोन, जमा स्वीकार करने वाले निगमों (केंद्री. बैंक छोड़कर) का है। केंद्र सरकार का हिस्सा 22.1 फीसदी है, जबकि अन्य वित्तीय निगमों का हिस्सा 8.7 फीसदी था।

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लोन के अलग-अलग हिस्से
इसी रिपोर्ट के मुताबिक बाहरी कर्ज का सबसे बड़ा कारण लिया गया लोन है। 33.6 फीसदी लोन के अलावा 23.1 फीसदी मुद्रा और जमा, व्यापार ऋण और एडवांस 18.8 फीसदी है। लोन सिक्योरिटी 16.8 फीसदी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ऋण सेवा (मूलधन चुकौती प्लस ब्याज भुगतान) दिसंबर 2024  के अंत तक 6.6 फीसदी था। यह सितंबर 2024 के अंत में चालू प्राप्तियों का 6.7 प्रतिशत था।
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अमेरिकी डॉलर सबसे अधिक

भारत के हिस्से में बाहरी ऋण का सबसे अधिक हिस्सा अमेरिकी डॉलर का है। यह दिसंबर 2024 के अंत में 54.8 प्रतिशत था। दूसरे नंबर पर भारतीय रुपया (30.6 प्रतिशत), जापानी येन 6.1 प्रतिशत, विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 4.7 फीसदी और यूरो तीन फीसदी है।

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