गोयल ने समारोह में कहा, 'हमारा मानना है कि मुक्त व्यापार समझौते या द्विपक्षीय समझौते निष्पक्ष, न्यायसंगत और संतुलित होने चाहिए। दुनियाभर के देशों को यह पहचानने की जरूरत है कि तेजी से बढ़ते देश के रूप में भारत 2047 तक 35 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लिए तैयार है।'
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को दिल्ली में दूसरे सीआईआई इंडिया-यूरोप बिजनेस एंड सस्टेनेबिलिटी कॉन्क्लेव के विशेष सत्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) को निष्पक्ष, न्यायसंगत और संतुलित रखने पर जोर दिया।
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मंत्री गोयल ने समारोह में कहा, 'हमारा मानना है कि मुक्त व्यापार समझौते या द्विपक्षीय समझौते निष्पक्ष, न्यायसंगत और संतुलित होने चाहिए। दुनियाभर के देशों को यह पहचानने की जरूरत है कि तेजी से बढ़ते देश के रूप में भारत 2047 तक 35 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लिए तैयार है।'
जी20 की अध्यक्षता का किया जिक्र
केंद्रीय मंत्री ने भारत के जी20 की अध्यक्षता के पिछले वर्ष को एक सफल वर्ष के रूप में भी बताया। इसके अलावा उन्होंने ग्लोबल बायोफ्यूल एलायंस और भारत मध्य-पूर्व आर्थिक गलियारा (आईएमईसी) दोनों के शुभारंभ का भी जिक्र किया। मंत्री गोयल ने कहा कि ये दोनों पारदर्शी माध्यम से दुनियाभर में वृद्धि, विकास और निष्पक्ष व्यापार प्रणाली सुनिश्चित करेंगे।
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लैंगिक समानता पर दिया जोर
मंत्री गोयल ने समावेशिता और लैंगिक समानता पर ध्यान केंद्रित करते हुए कहा, 'देश न केवल महिलाओं के विकास की दिशा में बल्कि महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास की दिशा में भी काम कर रहा है। जैसा कि हम सामूहिक रूप से अपने अंतरराष्ट्रीय संबंधों के विस्तार की दिशा में काम करते हैं, हमारा मानना है कि मजबूत व्यापक आर्थिक बुनियादी सिद्धांतों और युवा प्रतिभाओं के एक बड़े आकांक्षी समूह के साथ भारत तेजी से विस्तार करना जारी रखेगा।'
मंत्री ने देशभर में विभिन्न क्षेत्रों में अवसरों की प्रचुरता के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा, 'चाहे वह आधुनिक तकनीक हो, स्थिरता हो, आरई हो, या चक्रीय अर्थव्यवस्था हो, भारत नई सीमाएं खोल रहा है और दुनियाभर में अपने पदचिह्न का विस्तार कर रहा है।'