India-EU FTA: केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते के जल्द पूरा हाने की उम्मीद जताई हैं। उन्होंने इस पर कहा कि दोनों पक्ष पूरी निष्ठा से काम कर रहे हैं क्योंकि ऐसा समझौता एकतरफा नहीं हो सकता है।
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत और यूरोपीय संघ समग्र तथा संतुलित मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए पूरी निष्ठा के साथ काम कर रहे हैं। ऐसा समझौता एकतरफा नहीं हो सकता है। सभी दौर की बातचीत में दोनों पक्षों के हितों के बारे में चर्चा होती है, जिससे समझौता निष्पक्ष और संतुलित रह सके।
ईयू के व्यापार आयुक्त के साथ मंत्री ने की चर्चा
मंत्री ने सोमवार को नई दिल्ली में यूरोपीय संघ के व्यापार आयुक्त मारोस सेफकोविक के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को जल्द अंतिम रूप देने के लिए चर्चा की। मारोस व्यापार वार्ता के लिए यूरोपीय संघ के अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। मंत्री गोयल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से बताया कि यह बैठक निर्णायक रही है। हमने वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए लंबित मुद्दों को सुलझाने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया।
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'एफटीए की दिशा में निरंतर सहयोग की आशा'
उन्होंने कहा कि पारस्परिक रूप से लाभकारी एफटीए की दिशा में निरंतर सहयोग की आशा है। दरअसल, कुछ क्षेत्रों में अब भी मतभेद हैं। इनमें इस्पात, कार्बन कर, ऑटोमोबाइल और गैर-टैरिफ बाधाएं शामिल हैं, जिन्हें दूर करने की जरूरत है। ईयू विशेष रूप से भारत में ऑटोमोबाइल, चिकित्सा उपकरणों, शराब, स्पिरिट्स और मांस जैसे उत्पादों पर शुल्क कटौती चाहता है।
आठ साल के लंबे अंतराल के बाद भारत-ईयू की वार्ता
भारत और 27 देशों के ईयू समूह ने आठ साल के लंबे अंतराल के बाद जून 2022 में व्यापक एफटीए, निवेश संरक्षण समझौते और भौगोलिक संकेत पर समझौतों के लिए बातचीत फिर से शुरू की थी। 2024-25 में ईयू भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार था, जिसके साथ द्विपक्षीय व्यापार 1.36 लाख करोड़ रुपये। यह समझौता दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जून 2022 में, भारत और 27 देशों के यूरोपीय संघ समूह ने आठ वर्षों से अधिक के अंतराल के बाद एक व्यापक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए), एक निवेश संरक्षण समझौते और भौगोलिक संकेतों पर एक समझौते के लिए बातचीत फिर से शुरू की।