भारत का रूस से कच्चा तेल आयात मार्च, 2023 में बढ़कर रिकॉर्ड 16.4 लाख बैरल प्रतिदिन (बीपीडी) पर पहुंच गया। इसके साथ ही, रूस से तेल आयात इराक के 8.21 लाख बीपीडी के मुकाबले अब दोगुना हो गया है।
एनर्जी कार्गो ट्रैकर वोर्टेक्सा के मुताबिक, रिफाइनरी कंपनियां अन्य ग्रेड की तुलना में रियायती मूल्य पर उपलब्ध रूसी तेल खरीद रही हैं। इसलिए रूस लगातार छठे महीने भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बना हुआ है। भारत के क्रूड तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी एक तिहाई से अधिक यानी 34 फीसदी हो गई है।
फरवरी, 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने से पहले भारत के क्रूड तेल आयात में रूस की बाजार हिस्सेदारी एक फीसदी से भी कम थी। इराक 2017-18 से भारत का सबसे बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता था। उधर, वोर्टेक्सा की एशिया-प्रशांत (विश्लेषण) की प्रमुख सेरेना हुआंग ने कहा, भारत का मार्च में मासिक आधार पर रूसी तेल आयात बढ़ा है, लेकिन इसकी वृद्धि दर धीमा हो गई है।
इसलिए जमकर खरीदारी कर रहा भारत : यूक्रेन पर हमले के बाद पश्चिमी देशों ने रूस पर प्रतिबंध लगाए हैं। ऐसे में रूसी क्रूड रियायती मूल्य पर उपलब्ध है। भारत इसकी जमकर खरीद कर रहा है। उद्योग के अधिकारियों ने कहा, भारतीय रिफाइनरी कंपनियां 60 डॉलर से कम कीमत पर कच्चे तेल का आयात कर रही हैं।
ऐसे बढ़ गई रूस की हिस्सेदारी अमेरिका 5वें स्थान पर खिसका
देश मार्च, 2023 मार्च, 2022
रूस 1,6,46,311 68,600
सऊदी अरब 9,86,288 8,72,683
इराक 8,21,952 11,39,880
यूएई 3,13,002 --
अमेरिका 1,36,464 4,19,071