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रिपोर्ट: चावल निर्यात पर रोक लगा सकता है केंद्र, चुनावों से पहले महंगाई के जोखिम से बचना चाहती है सरकार

Fri, 14 Jul 2023 07:21 AM IST
गुलाम अहमद अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि गैर-बासमती चावल के निर्यात पर पाबंदी लगाने के सरकार के फैसले भारत के करीब 80 फीसदी चावल निर्यात पर असर पड़ सकता है। चावल दुनिया की लगभग आधी आबादी का मुख्य भोजन है। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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घरेलू बाजार में कीमतें थामने के लिए दुनिया का सबसे बड़ा निर्यातक भारत ज्यादातर किस्मों के चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगा सकता है। अगर ऐसा हुआ तो अल-नीनो प्रभाव के कारण खाद्य महंगाई से पहले से ही जूझ रहे दुनियाभर के देशों में चावल की कीमतें और अधिक बढ़ सकती हैं। वैश्विक चावल निर्यात में भारत की 40 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी है।

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ब्लूमबर्ग ने एक रिपोर्ट में कहा कि केंद्र सरकार सभी गैर-बासमती चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने की योजना पर विचार कर रही है। हालांकि, अभी इस संबंध में कोई अधिसूचना जारी नहीं हुई है। मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि केंद्र सरकार विधानसभा चुनावों और उसके बाद अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले देश में अधिक महंगाई के जोखिम से बचना चाहती है। इसके अलावा, खराब मौसम की वजह से प्रमुख उत्पादक राज्यों में चावल की बुवाई पर असर पड़ा है। इसलिए, गैर-बासमती चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने पर विचार चल रहा है। उधर, बुधवार को सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, जून में खुदरा महंगाई बढ़कर तीन महीने के उच्च स्तर 4.81 फीसदी पर पहुंच गई है।

प्रभावित होगा 80% निर्यात  
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि गैर-बासमती चावल के निर्यात पर पाबंदी लगाने के सरकार के फैसले भारत के करीब 80 फीसदी चावल निर्यात पर असर पड़ सकता है। चावल दुनिया की लगभग आधी आबादी का मुख्य भोजन है। एशिया में वैश्विक आपूर्ति का करीब 90 फीसदी चावल उपभोग के लिए इस्तेमाल होता है।
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वैश्विक बाजार में दाम 11 साल के शीर्ष पर
अल-नीनो प्रभाव के कारण सूखा पड़ने की आशंका से आयातकों ने आक्रामक तरीके से भंडार बढ़ाना शुरू कर दिया है। वैश्विक बाजार में चावल के दाम 11 साल के शीर्ष पर पहुंच गए हैं। 

300 रुपये किलो तक पहुंच सकता है टमाटर
टमाटर की लगातार बढ़ रही कीमतों में फिलहाल गिरावट की कोई उम्मीद है। आने वाले समय में इसके दाम और बढ़ेंगे। कृषि विशेषज्ञ एवं नेशनल कमोडिटीज मैनेजमेंट सर्विसेज लि. (एनसीएमएल) के एमडी-सीईओ संजय गुप्ता ने कहा, बारिश की वजह से अभी टमाटर की नई फसल नहीं लगाई जा रही। पुरानी फसलें भारी मात्रा में खराब हो रही हैं। ऐसे में आने वाले एक-दो महीने में टमाटर की कीमत 300 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच सकती है। संजय ने कहा, बारिश थमने के बाद यानी सितंबर के बाद ही इसकी कीमतों पर दोबारा अंकुश लगने का अनुमान है।

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