भारत चीन गतिरोध के बीच द्विपक्षीय व्यापार घटा।
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हाल के वर्षों में पहली बार भारत और चीन के बीच हो रहे कारोबार में नरमी के संकेत मिले हैं। बता दें कि भारत और चीन के बीच बीते कुछ वर्षों के दौरान तनावपूर्ण संबंधों के बावजूद कारोबार में काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। हालांकि, इस साल इसमें गिरावट आई है। वर्ष 2023 की पहली छमाही में दोनों देशों के बीच कारोबार में 0.9 प्रतिशत की गिरावट आई है। बता दें कि कोविड संकट के बाद चीन की अर्थव्यवस्था चुनौतियों से जूझ रही है और इसके कुल विदेश व्यापार में पांच प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।
चीन के कस्टम विभाग की ओर से जारी किए गए आंकड़े
इस साल की पहली छमाही में भारत और चीन के बीच 56.53 अरब डॉलर का कारोबार हुआ। पिछले साल इस अवधि में दोनों देशों के बीच 57.51 अरब डॉलर का कारोबार हुआ था। गुरुवार को चीन के कस्टम विभाग की ओर जारी आंकड़ों के अनुसार भारत और चीन के बीच व्यापार में साल के पहले छह महीनों में 0.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
भारत की ओर से चीन को किए गए निर्यात में भी कमी
इस अवधि के दौरान भारत की ओर से चीन को किए गए निर्यात में भी कमी आई है। यह पिछले साल के 9.57 अरब डॉलर के मुकाबले 9.49 अरब डॉलर रह गया। 2023 की पहली छमाही में व्यापार घाटा भी 67.08 अरब डॉलर से कम होकर 47.04 अरब डॉलर रह गया। वर्ष 2022 में भारत और चीन का द्वीपक्षीय व्यापार अपने उच्चतम स्तर 135.98 अरब डॉलर पर पहुंच गया। बता दें कि यह वृद्धि दोनों देशों के बीच मई 2020 में लद्दाख में हुई सैन्य झड़प के बावजूद दर्ज की गई थी। 2022 में दोनों देशों के बीच व्यापार 8.4 प्रतिशत की बढ़त के 125 अरब डॉलर को पार कर गया था। इस दौरान पहली बार बीजिंग के साथ भारत का व्यापार घाटा तनावपूर्व संबंधों के कारण 100 अरब डॉलर को पार कर 101.02 अरब डॉलर पर पहुंच गया था, जो 2021 में 69.38 अरब डॉलर था।