डेयरी सचिव ने कहा, देश में दूध आपूर्ति में कोई बाधा नहीं है। स्किम्ड मिल्क पाउडर का पर्याप्त भंडार है। लेकिन, डेयरी उत्पादों और विशेष रूप से वसा, मक्खन एवं घी का स्टॉक पिछले साल सेकम है।
दूध उत्पादन स्थिर रहने से आपूर्ति संबंधी कमी को पूरा करने के लिए भारत मक्खन और घी जैसे डेयरी उत्पादों का आयात कर सकता है। 2011 में आखिरी बार इन उत्पादों का आयात किया गया था।
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पशुपालन एवं डेयरी सचिव राजेश कुमार सिंह ने बुधवार को कहा कि पिछले साल गांठदार त्वचा रोग की वजह से 1.89 लाख मवेशियों की मौत हो गई। मौसम की मार, महंगा चारा और तमाम दुश्वारियों की वजह से 2022-23 में दूध उत्पादन स्थिर रहा। लेकिन, घरेलू मांग 8-10 फीसदी बढ़ गई। उन्होंने कहा, दक्षिणी राज्यों में दूध के भंडार की स्थिति के आकलन के बाद अगर जरूरी हुआ तो सरकार डेयरी उत्पादों के आयात के मामले में हस्तक्षेप करेगी।
दूध आपूर्ति में कोई बाधा नहीं
डेयरी सचिव ने कहा, देश में दूध आपूर्ति में कोई बाधा नहीं है। स्किम्ड मिल्क पाउडर का पर्याप्त भंडार है। लेकिन, डेयरी उत्पादों और विशेष रूप से वसा, मक्खन एवं घी का स्टॉक पिछले साल सेकम है। आमतौर पर दूध उत्पादन सालाना 6% की दर से बढ़ रहा है। हालांकि, 2022-23 में यह कम होगा।
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लाभकारी नहीं होगा आयात
सिंह ने कहा कि आयात इस समय लाभकारी नहीं हो सकता है क्योंकि हाल के महीनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें मजबूत बनी हुई हैं। अगर वैश्विक कीमतें ऊंची हैं तो आयात करने का कोई मतलब नहीं है। हम देश के बाकी हिस्सों में उत्पादन का आकलन करेंगे और फिर फैसला लेंगे।
पाम तेल आयात 28 फीसदी बढ़कर 7.50 लाख टन
देश का पाम तेल आयात मार्च, 2023 में 28 फीसदी बढ़कर 7.50 लाख टन पहुंच गया। फरवरी में आयात 5.86 लाख टन रहा था। मामले से जुड़े पांच डीलरों ने बताया, पाम तेल पर अधिक छूट मिलने से रिफाइनरी कंपनियों ने सोया व सूरजमुखी तेल का कम आयात किया। इससे सोया तेल आयात 27 फीसदी घटकर 2.59 लाख टन रह गया। सूरजमुखी तेल में 4 फीसदी गिरावट रही।