भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने एक सर्वे में बताया कि 155 कंपनियों ने अमेरिका में 22 अरब डॉलर का निवेश किया है। इससे वहां 1.25 लाख नौकरियां पैदा हुईं। अमेरिकी धरती पर भारत की जड़ें-2020 नाम से जारी रिपोर्ट में सीआईआई ने कहा कि ये कंपनियां अमेरिका के सभी 50 राज्यों में कारोबार करती हैं। सबसे ज्यादा नौकरियां टेक्सास (17,578), कैलीफोर्निया (8,271), न्यूजर्सी (8,057), न्यूयॉर्क (6,175) और फ्लोरिडा (5,454) में मिली हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के न्यूजर्सी, टेक्सास, कैलीफोर्निया, न्यूयॉर्क, इलिनॉइस और जॉर्जिया मेें भारतीय कंपनियों की संख्या सबसे ज्यादा है। इन कंपनियों में शामिल 77 फीसदी का कहना है कि अगले 5 साल में वे अमेरिका में निवेश को और बढ़ाएंगी, जबकि 83 फीसदी ने और ज्यादा कर्मचारियों को भर्ती करने की योजना बताई है। अमेरिकी वाणिज्य मंत्रालय के कार्यकारी डिप्टी सचिव डायन फरेल ने कहा कि यह रिपोर्ट भारतीय कंपनियों की सफलता दर्शाती है और बताती है कि अमेरिका कारोबार करने के लिए बेहतर जगह है।
- वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत 43वें पायदान पर कायम
भारत के वैश्विक प्रतिस्पर्धा सूचकांक में इस साल कोई बदलाव नहीं हुआ और 43वें पायदान पर कायम रहा। स्विट्जरलैंड और सिंगापुर की 63 देशों पर बनी संयुक्त सालाना रिपोर्ट-2020 में शीर्ष पर एक बार फिर सिंगापुर रहा। डेनमार्क बड़ी छलांग लगाते हुए पिछले साल के 8वें स्थान से दूसरे पर पहुंच गया। स्विट्जरलैंड तीसरे स्थान पर रहा जबकि नीदरलैंड चौथे और हांगकांग पांचवें पर पहुंच गया।
2019 में हांगकांग दूसरे स्थान पर था। अमेरिका भी पिछले साल के तीसरे स्थान से फिसलकर 10वें पायदान पर आ गया है। चीन भी 14वें से 20वें पर पहुंच गया। भारत 2017 में 41वें पायदान से 45वें पर चला गया था, जो 2018 में 44वें और 2019 में 43वें नंबर पर आ गया था। इस साल कोई बदलाव नहीं हुआ।