भारत का बैंकिंग सेक्टर मजबूत स्थिति में है और आगे भी तेजी की उम्मीद है। फिक्की और इंडियन बैंक एसोसिएशन के सर्वे में बेहतर एसेट क्वालिटी, मजबूत पूंजी और MSME-रिटेल कर्ज मांग को इसकी वजह बताया गया। मौद्रिक नीति स्थिर रहने के संकेत हैं, जबकि सरकारी बैंक भविष्य को लेकर ज्यादा आश्वस्त दिख रहे हैं।
भारत का बैंकिंग सेक्टर फिलहाल मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है। एक हालिया सर्वे के मुताबिक, बैंकों की हालत बेहतर हो रही है और आगे भी इसमें सुधार जारी रहने की उम्मीद है। इस मजबूती की वजह अच्छी एसेट क्वालिटी (कम खराब लोन), मजबूत पूंजी, और रिटेल व छोटे कारोबार (एसएमई) में बढ़ती कर्ज की मांग है। यह सर्वे फिक्की और इंडियन बैंक एसोसिएशन ने मिलकर किया है। इसमें बताया गया कि आने वाले समय में बैंकिंग सेक्टर की ग्रोथ को लेकर माहौल सकारात्मक है। इसकी वजह मजबूत बैलेंस शीट और अर्थव्यवस्था में स्थिर गतिविधियां हैं।
सर्वे में यह भी कहा गया है कि मौजूदा मौद्रिक नीति (ब्याज दर से जुड़ी नीति) फिलहाल संतुलित है और इसमें बड़ा बदलाव होने की संभावना कम है। हालांकि कुछ सहकारी बैंकों ने ब्याज दर में हल्की बढ़ोतरी की उम्मीद जताई है। बैंकों को उम्मीद है कि आने वाले महीनों में कर्ज की मांग बढ़ती रहेगी, खासकर रिटेल और छोटे-मध्यम उद्योगों (MSME) से। सरकारी बैंक (PSB) भविष्य को लेकर ज्यादा भरोसेमंद नजर आ रहे हैं, क्योंकि उनकी एसेट क्वालिटी सुधरी है और कॉरपोरेट लोन में रुचि बढ़ रही है।
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