वेनेजुएला ने महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्र में भारत के साथ सहयोग बढ़ाने और निवेश आकर्षित करने में गहरी रुचि व्यक्त की है। वहीं राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम लिमिटेड, लॉजिस्टिक्स डेटा सर्विसेज लिमिटेड और आंध्र प्रदेश सरकार के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते का उद्देश्य यूनिफाइड लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म (ULIP) का उपयोग करके राज्य के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को पूरी तरह डिजिटल रूप देना है।
वेनेजुएला ने भारत के साथ महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए इच्छा जताई है। वाणिज्य मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी दी। वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और वेनेजुएला के पारिस्थितिकी खनन विकास मंत्री हेक्टर सिल्वा के बीच हुई बैठक में इस पर चर्चा की गई।
बैठक के दौरान वेनेजुएला पक्ष ने भारत के साथ तेल क्षेत्र से परे आर्थिक सहयोग बढ़ाने में रुचि व्यक्त की। इसमें महत्वपूर्ण खनिजों में सहयोग और भारतीय निवेश आकर्षित करना शामिल है।
भारत-वेनेजुएला संयुक्त समिति तंत्र को दोबारा सक्रिया करने पर जोर
गोयल ने भारत-वेनेजुएला संयुक्त समिति तंत्र को दोबारा सक्रिय करने की जरूरत पर बल दिया, जिसकी अंतिम बैठक एक दशक पहले हुई थी। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला में ओएनजीसी के चल रहे परिचालन से खनन और अन्वेषण में गहन सहयोग की संभावना है। उन्होंने सुझाव दिया कि वेनेजुएला दवा व्यापार को सुविधाजनक बनाने के लिए भारतीय फार्माकोपिया को स्वीकार करने पर विचार कर सकता है और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर प्रकाश डाला।
आंध्र प्रदेश में लॉजिस्टिक्स परिदृश्य को डिजिटल बनाने के लिए हुआ समझौता
एक अलग बयान में, मंत्रालय ने कहा कि राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम लिमिटेड, लॉजिस्टिक्स डेटा सर्विसेज लिमिटेड और आंध्र प्रदेश सरकार के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते का उद्देश्य यूनिफाइड लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म (ULIP) का उपयोग करके राज्य के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को पूरी तरह डिजिटल रूप देना है।
एमओयू के तहत आंध्र प्रदेश में एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा, जो सरकारी और निजी क्षेत्र के सभी हितधारकों को लॉजिस्टिक्स की गतिविधियों और प्रदर्शन सूचकांकों की रियल-टाइम जानकारी उपलब्ध कराएगा।
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इस पहल से विभिन्न विभागों के बीच समन्वय मजबूत होगा, लॉजिस्टिक्स सेक्टर की दक्षता बढ़ेगी और निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज व डेटा-आधारित बनेगी। प्लेटफॉर्म के जरिए हितधारक बिना किसी बाधा के रियल-टाइम डेटा तक सहज पहुंच पा सकेंगे।