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India-UK FTA: 'भारत और ब्रिटेन ने मुक्त व्यापार समझौते को दिया अंतिम रूप', पीएम मोदी ने की घोषणा

Tue, 06 May 2025 07:19 PM IST
निर्मल कांत बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

India-UK FTA: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को घोषणा की कि भारत और ब्रिटेन ने ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) और डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन समझौते को अंतिम रूप दे दिया है। उन्होंने कहा कि इससे व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे और दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाएं मजबूत होंगी। 
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कीर स्टार्मर, नरेंद्र मोदी - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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भारत और ब्रिटेन ने एक ऐतिहासिक और महत्त्वपूर्ण 'मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए)' और 'दोगुना योगदान संधि' (डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन) को अंतिम रूप दे दिया है। यह समझौता दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों को मजबूती देगा और कई क्षेत्रों में नई संभावनाएं खोलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ब्रिटिश समकक्ष कीर स्टार्मर से बातचीत के बाद मंगलवार को इसकी घोषणा की। 

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पीएम मोदी ने क्या कहा
प्रधानमंत्री ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, एक ऐतिहासिक मील के पत्थर के रूप में भारत और ब्रिटेन ने दोगुने योगदान समझौते के साथ-साथ एक महत्वकांक्षी और पारस्परिक रूप से लाभकारी एफटीए को सफलतापूर्वक संपन्न किया है। ये ऐतिहासिक समझौते हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करेंगे और हमारी दोनों अर्थव्यवस्थाओं में व्यापार, निवेश, विकास, रोजगार एव नवोन्मेषण को बढ़ावा देंगे।   
उन्होंने आगे कहा कि वह जल्द ही भारत में स्टार्मर का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं। दोनों नेताओं ने इसे द्विपक्षीय व्यापक रणनीतिक साझेदारी में ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया, जो दोनों अर्थव्यवस्थाओं में व्यापार, निवेश, नवोन्मेषण और रोजगार सृजन को बढ़ाा देगा। मोदी और स्टार्मर इस बात पर सहमत हुए कि दुनिया की दो बड़ी और खुली बाजार अर्थव्यवस्थाओं के बीच ऐतिहासिक समझौते से कंपनियों के लिए नए अवसर खुलेंगे, आर्थिक संबंध मजबूत होंगे और लोगों के आपसी संबंध गहरे होंगे।  
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क्या है एफटीए इसका मतलब?
एफटीए एक ऐसा समझौता है, जिसमें दो देश एक-दूसरे के साथ वस्तुओं और सेवाओं का व्यापार आसान और सस्ता बनाते हैं। इसमें कर (आयात शुल्क) कम किए जाते हैं या हटाए जाते हैं, जिससे दोनों देशों के कारोबारियों को फायदा होता है।

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भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौता के मुख्य बिंदु
भारत और यूके के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) और दोगुना योगदान संधि के तहत कई लाभ प्राप्त होंगे। साथ ही यह समझौता दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों को मजबूती देगा और कई क्षेत्रों में नई संभावनाएं खोलेगा। आइए इस समझौते के मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डालते है। 

  1. भारत के 99% निर्यात को यूके बाजार में शून्य शुल्क का लाभ मिलेगा।

  2. भारतीय आयात शुल्क में कमी, 90% टैरिफ लाइनों पर कटौती होगी, जिनमें से 85% दस साल में पूरी तरह से शुल्क मुक्त हो जाएंगी।

  3. व्हिस्की और जिन पर शुल्क 150% से घटकर 75% होगा, जो 10 वर्षों में 40% तक आ जाएगा।

  4. ऑटोमोबाइल पर शुल्क 100% से घटकर 10% हो जाएगा, जो कोटा के तहत लागू होगा।

  5. अन्य वस्तुओं पर आयात शुल्क में कमी, जैसे कॉस्मेटिक्स, विमानन, चिकित्सा उपकरण, चॉकलेट और बिस्कुट, जो व्यापार को सस्ता बनाएंगी।

  6. ब्रिटेन के उपभोक्ताओं को कपड़े, जूते और समुद्री खाद्य उत्पाद सस्ते मिल सकते हैं।

  7. यह सौदा द्विपक्षीय व्यापार में 25.5 बिलियन पाउंड का इजाफा करेगा और यूके की जीडीपी में 4.8 बिलियन पाउंड का योगदान करेगा।

  8. भारत को सेवा क्षेत्रों जैसे आईटी, वित्तीय सेवाएं, पेशेवर सेवाएं और शैक्षिक सेवाओं में लाभ मिलेगा।

  9. भारतीय कर्मचारियों को तीन साल के लिए यूके में सोशल सिक्योरिटी भुगतान से छूट मिलेगी।

  10. 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार के दोगुना होने का अनुमान है, जो यूएसडी 60 बिलियन तक पहुंच सकता है।

  11. भारतीय पेशेवरों के लिए यूके में काम करने की अधिक सुविधाएं और प्रवास में सहूलत।

  12. डिजिटल सेवाओं जैसे वास्तुकला, इंजीनियरिंग, और टेलीकम्युनिकेशन सेवाओं में भी भारत को महत्वपूर्ण लाभ मिलेगा।

  13. दोगुना योगदान संधि के तहत, भारतीय कर्मचारी तीन साल तक यूके में सोशल सिक्योरिटी भुगतान से छूट का लाभ उठा सकेंगे, जिससे उनकी प्रतिस्पर्धा में सुधार होगा।


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दोगुना योगदान संधि क्या है
यह समझौता उन लोगों को राहत देगा जो दोनों देशों में काम करते हैं या कारोबार करते हैं। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उन्हें एक ही कमाई पर दो बार कर (टैक्स) न देना पड़े।


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