भारत और नेपाल ने दोनों देशों के बीच 'एयर बबल' व्यवस्था के तहत उड़ानों का परिचालन फिर से शुरू करने का निर्णय लिया है। इस व्यवस्था के तहत यात्रा से 72 घंटे पहले आरटी-पीसीआर जांच की रिपोर्ट समेत स्वास्थ्य संबंधी सभी दिशा-निर्देशों पर अमल किया जाएगा जिनका पालन अन्य देशों के साथ किया जा रहा है।
प्रारंभ में यह सेवा दिल्ली और काठमांडू के बीच प्रत्येक तरफ से एक उड़ान के परिचालन से शुरू होगी। विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने हाल में नेपाल की यात्रा की थी और उन्होंने दोनों देशों के बीच विशेष संबंधों के मद्देनजर लोगों के आपसी संपर्क के महत्व को रेखांकित किया था।
यह सेवा भारत और नेपाल के नागरिकों समेत उनके लिए शुरू होगी जिनके पास वैध भारतीय वीजा है। पर्यटन वीजा रखने वालों के लिए यह सुविधा उपलब्ध नहीं है। भारत की ओर से विमानों का परिचालन एयर इंडिया करेगी। वहीं ओवरसीज सिटिजनशिप ऑफ इंडिया और भारतीय मूल के लोग (पीआईओ) कार्डधारकों को भी यात्रा की इजाजत मिलेगी।
31 दिसंबर तक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध
विदेश में फंसे यात्रियों को वापस लाने के लिए वंदे भारत मिशन चलाया गया और कई देशों के साथ एयर बबल करार भी किया गया। कोरोना वायरस महामारी के चलते नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने भारत में शेड्यूल अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक उड़ानों की आवाजाही पर प्रतिबंध 31 दिसंबर तक बढ़ाया है। लेकिन इस दौरान वंदे भारत मिशन के तहत जाने वाली उड़ानें जारी रहेंगी। इससे पहले अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर 30 नवंबर तक प्रतिबंध था। डीजीसीए के आदेश के अनुसार, केवल चयनित उड़ानों को ही संचालन की अनुमति होगी।