फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विश्व बैंक: एआई की तैयारी के मामले में भारत दुनिया के शीर्ष 10 देशों में, निजी निवेश पर क्या कहा गया?

Tue, 06 Oct 2026 04:51 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार भारत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की तैयारी में शीर्ष 10 उभरते बाजारों में शामिल है। देश में निजी एआई निवेश 2025 तक 4.1 अरब डॉलर हो गया, जो 2024 के मुकाबले तीन गुना अधिक है।
विज्ञापन
विश्व बैंक - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

विश्व बैंक ने मंगलवार को जारी अपनी नवीनतम रिपोर्ट में बताया कि भारत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की तैयारी में शीर्ष 10 उभरते बाजारों में शामिल है। देश अपनी बड़ी तकनीकी कार्यबल, विश्व स्तर पर एकीकृत सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र और डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के कारण इस तकनीक का लाभ उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है। रिपोर्ट का शीर्षक 'इंडिया एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस: सीजिंग द डेवलपमेंट अपॉर्चुनिटी' है। यह भारत की एआई प्रगति पर प्रकाश डालती है।

विज्ञापन


रिपोर्ट के अनुसार, भारत में एआई में निजी निवेश 2024 में 1.2 अरब डॉलर से बढ़कर 2025 में 4.1 अरब डॉलर हो गया है। यह निवेश तीन गुना से भी अधिक की वृद्धि दर्शाता है। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) में कार्यरत पेशेवरों की संख्या भी बढ़ी है। यह एक साल पहले के 1.9 मिलियन से बढ़कर 2025 में 2.36 मिलियन हो गई है। हालांकि, रिपोर्ट में एआई के दीर्घकालिक आर्थिक और श्रम बाजार प्रभावों को लेकर अनिश्चितता भी जताई गई है।

विश्व बैंक के भारत के कार्यवाहक कंट्री डायरेक्टर पॉल प्रोसी ने कहा कि एआई को केवल एक तकनीक के रूप में नहीं, बल्कि विकास उपकरण के रूप में उपयोग करना भारत के लिए उत्पादकता बढ़ाने का एक शक्तिशाली माध्यम हो सकता है। उन्होंने सार्वजनिक सेवाओं में सुधार की भी बात कही। विश्व बैंक समूह एग्री कनेक्ट के माध्यम से 'छोटे एआई' लक्षित और स्थानीय रूप से अनुकूलित उपकरणों में निवेश कर रहा है। इसका उद्देश्य संक्रमण के दौरान श्रमिकों का समर्थन करते हुए एआई के लाभों को आबादी के व्यापक वर्ग तक पहुंचाना है।

क्या हैं एआई के लाभ और चुनौतियां?

विश्व बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि एआई के लाभों को व्यापक रूप से साझा करने के लिए व्यापक नीतिगत उपायों की आवश्यकता है। इसमें एआई-सक्षम बुनियादी ढांचे को गहरा करना शामिल है। कारोबार के माहौल में सुधार करना भी महत्वपूर्ण है। एआई तक पहुंच बढ़ाना और श्रम क्षमता को बढ़ाना भी जरूरी है। विश्व बैंक समूह की एशिया के लिए मुख्य अर्थशास्त्री फ्रांजिस्का ओन्सॉर्ज ने कहा कि एआई में दक्षिण एशिया के विकास पथ को बदलने की क्षमता है। यह श्रम उत्पादकता को बढ़ावा दे सकता है, निर्यात के अवसरों का विस्तार कर सकता है और सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार कर सकता है।

दक्षिण एशिया के लिए एआई कितना महत्वपूर्ण है?

इंडिया डेवलपमेंट अपडेट, विश्व बैंक समूह के दक्षिण एशिया आर्थिक अपडेट का एक पूरक है। नवीनतम दक्षिण एशिया आर्थिक अपडेट का अनुमान है कि दक्षिण एशिया 2026 में 6.9 फीसदी की वृद्धि करेगा। यह क्षेत्र दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते क्षेत्र के रूप में अपनी स्थिति बनाए रखेगा। दक्षिण एशिया के अधिकांश हिस्सों के लिए एआई से सबसे बड़ा लाभ तकनीक को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अपनाने और अनुकूलित करने से मिलेगा। इसमें कम संसाधन वाले सेटिंग्स के लिए उपयुक्त छोटे एआई अनुप्रयोग शामिल हैं। इन लाभों को प्राप्त करने के लिए, सरकारों को उन मूलभूत कमियों को दूर करना होगा जो एआई अपनाने में बाधा डालती हैं।

एआई को अपनाने के लिए क्या कदम उठाने होंगे?

रिपोर्ट में कहा गया है कि छोटे उद्यमों द्वारा एआई अपनाने में आने वाली बाधाओं को कम करने के लिए पूरक उपाय भी आवश्यक हैं। स्थानीय एआई नवाचार को बढ़ावा देना भी जरूरी है। एक स्पष्ट नियामक ढांचा स्थापित करना भी महत्वपूर्ण है। यह अनिश्चितता को कम करेगा और डेटा सुरक्षा व गोपनीयता सुनिश्चित करेगा। अपडेट ने कार्यबल के कौशल को मजबूत करने की सिफारिश की है। एक अधिक कारोबार-सक्षम माहौल बनाना भी जरूरी है। भौतिक और डिजिटल बुनियादी ढांचे में सुधार करना भी आवश्यक है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें