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RBI: असुरक्षित कर्ज पर सख्ती बढ़ाना सही फैसला, मूडीज ने कहा, बहुत प्रतिस्पर्धी हो गया है भारत का ऋण क्षेत्र

Tue, 21 Nov 2023 06:09 AM IST
यशोधन शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पिछले कुछ वर्षों में भारत का असुरक्षित ऋण सेगमेट बहुत प्रतिस्पर्धी हो गया है। बैंक, एनबीएफसी और फिनटेक कंपनियां आक्रामक रूप से कर्ज बांट रही हैं। पिछले दो वर्षों में व्यक्तिगत ऋण में 24 फीसदी व क्रेडिट कार्ड कर्ज में औसतन 28 फीसदी की वृद्धि हुई है।
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मूडीज - फोटो : Social Media
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विस्तार
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मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने सोमवार को कहा कि पिछले कुछ वर्षों में असुरक्षित कर्ज तेजी से बढ़े हैं। इससे वित्त संस्थानों को अचानक आर्थिक या ब्याज दर के झटके की स्थिति में कर्ज लागत में संभावित वृद्धि करनी पड़ती है। ऐसे में व्यक्तिगत कर्ज के लिए नियमों को सख्त करना आरबीआई का सही निर्णय है।

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आरबीआई ने पिछले सप्ताह बैंकों व गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के लिए जोखिम भार को 25 फीसदी बढ़ा दिया है। मूडीज ने कहा, उच्च जोखिम भारित संपत्तियों के जरिये नियम सख्त करना सही कदम है क्योंकि ऋणदाताओं की नुकसान से निपटने की स्थिति बेहतर करने के लिए उच्च पूंजी आवंटन की जरूरत होगी। 

आक्रामक तरीके से बांटी जा रही उधारी
एजेंसी ने कहा, पिछले कुछ वर्षों में भारत का असुरक्षित ऋण सेगमेट बहुत प्रतिस्पर्धी हो गया है। बैंक, एनबीएफसी और फिनटेक कंपनियां आक्रामक रूप से कर्ज बांट रही हैं। पिछले दो वर्षों में व्यक्तिगत ऋण में 24 फीसदी व क्रेडिट कार्ड कर्ज में औसतन 28 फीसदी की वृद्धि हुई है। इस दौरान बैंकिंग क्षेत्र की समग्र कर्ज वृद्धि करीब 15 फीसदी है।

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