देश में लोगों की वित्तीय बचत में जमकर गिरावट आई है। आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2020-21 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की तुलना में बचत 16% थी जो 2021-22 में 32% घटकर 10.8% पर आ गई है। 2019-20 में यह 12% थी।
बैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना, जमा पर घटते ब्याज के कारण लोगों ने पैसे को बैंकों से निकालकर बीमा, म्यूचुअल फंड और लघु बचत योजनाओं में लगा दिया। जमा पर जो ब्याज मिल रहा था, वह महंगाई से कम था। वित्त वर्ष 2022 में सेंसेक्स ने 18.3% और 2021 में 68% का रिटर्न दिया।
कुल बचत में बैंकों का हिस्सा घटकर 25.5 फीसदी
कुल जमा में बैंक जमा का हिस्सा 2020-21 में 38.6% था लेकिन 2021-22 में घटकर 25.5% पर आ गया। सहकारी बैंकों का हिस्सा दो फीसदी से घटकर 0.1% व जीवन बीमा का हिस्सा 17.8% से घटकर 17.2% हो गया।
ब्याज दरें बढ़ीं तो बैंकों में जमा बढ़ेगा
आने वाले समय में बैंकों के जमा में फिर से वृद्धि हो सकती है, क्योंकि आगे ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद है। म्यूचुअल फंड पसंदीदा निवेश का साधन बना है व घरेलू बचत को इक्विटी व डेट में लगाया जा रहा है।