आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 10 जनवरी 2021
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सरकार ने व्यक्तिगत आयकरदाताओं के लिए वित्त वर्ष 2019-20 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 10 जनवरी 2021 तक कर दिया है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा कि कंपनियों के लिए रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा को भी 15 दिन बढ़ाकर 15 फरवरी कर दिया गया है।
आयकर विभाग ने कहा कि वित्त वर्ष 2019-20 के लिए चार जनवरी तक पांच करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल किए गए। आयकर विभाग ने कहा कि, 'आकलन वर्ष 2020-21 के लिए 5.01 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न चार जनवरी 2021 तक भरे जा चुके हैं।' वहीं, वित्त वर्ष 2018-19 के लिए आईटीआर भरने की समयसीमा 31 अगस्त थी और उसके लिए 5.63 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न जमा किए गए।
व्यक्तिगत तौर पर आयकर रिटर्न भरने की गति धीमी
आंकड़े के विश्लेषण से पता चलता है कि 2019-20 के लिए व्यक्तिगत तौर पर आयकर रिटर्न भरने की गति कुछ धीमी है जबकि कंपनियों तथा ट्रस्ट के मामले में बढ़ी है। चार जनवरी 2021 तक 2.7 करोड़ आईटीआर-1 दाखिल की गई। यह चार सितंबर 2019 तक भरी गई 3.09 करोड़ के मुकाबले कम है। वहीं चार जनवरी तक 1.04 करोड़ आईटीआर-4 दाखिल की गई जबकि चार सितंबर 2019 तक 1.28 करोड़ आईटीआर- 4 दाखिल की गई थी।
किस करदाता के लिए कौन सा फॉर्म का उपयुक्त
आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए किन दस्तावेजों का होना जरूरी है, यह जानने के लिए नीचे दिए गए विवरण को पढ़ें।
- आईटीआर-1 सहज फॉर्म को कोई भी सामान्य निवासी जिसकी सालाना आय 50 लाख रुपये से अधिक नहीं है, अपनी व्यक्तिगत आय के बारे में जानकारी देते हुए भर सकता है।
- वहीं आईटीआर-4 सुगम फॉर्म को ऐसे निवासी व्यक्ति, हिंदू अविभाजित परिवार और फर्म (एलएलपी को छोड़कर) द्वारा भरा जा सकता है जिनकी व्यवसाय और किसी पेशे से अनुमानित आय 50 लाख रुपये तक है।
- आईटीआर-3 और 6 व्यवसायियों के लिए है।
- आईटीआर-2 आवासीय संपत्ति से आय प्राप्त करने वाले लोगों द्वारा भरा जाता है।
- आईटीआर-5 फॉर्म एलएलपी और एसोसिएशन ऑफ पर्सन के लिए है।
- आईटीआर-7 उन लोगों के लिए है जिन्हें ट्रस्ट अथवा अन्य कानूनी दायित्वों के तहत रखी गई संपत्ति से आय प्राप्त होती है।