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GST Reforms: 'जीएसटी सुधारों से किसानों की लागत घटेगी और उत्पादन बढ़ेगा', कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने किया दावा

Sat, 06 Sep 2025 02:27 PM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जीएसटी सुधारों से किसानों को सीधा लाभ मिलेगी। कृषि उत्पादन की लागत को कम होगी और समग्र उत्पादन में वृद्धि होगी। साथ ही आईआरईएफ ने कहा कि आगामी सीजन में बासमती चावल और अन्य प्रीमियम गैर-बासमती चावल किस्मों की मांग बढ़ने की उम्मीद है।
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शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय कृषि मंत्री - फोटो : ANI
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विस्तार
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जीएसटी सुधारों से केंद्र का लक्ष्य कृषि उत्पादन की लागत को कम करना और समग्र उत्पादन में वृद्धि करना है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को सीधे लाभ होगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए)  सरकार जीएसटी सुधारों के माध्यम से आम लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। 

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जीएसटी परिषद ने हानिकारक वस्तुओं को छोड़कर सभी उत्पादों को 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत की दर के तहत लाने को हरी झंडी दे दी है। कई जरूरी वस्तुओं पर टैक्स शून्य करने का निर्णय लिया गया। ये बदलाव 22 सितंबर को नवरात्र के पहले दिन से लागू होंगे। 
 

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महिला स्वयं सहायता समूहों की भूमिका

उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की भूमिका को भी रेखांकित किया। चौहान ने कहा कि महिला स्वंय सहायता समूह हस्तशिल्प, हस्तनिर्मित वस्तुओं, चमड़े के सामान, दूध और दूध से बने उत्पादों के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर काम कर रहे हैं। इससे कई बहनें लखपति दीदी बन गई हैं। 

जीएसटी सुधारों से बासमती चावल की मांग बढ़ेगी

इस बीच भारतीय चावल निर्यात महासंघ (आईआरईएफ) ने कहा कि जीएसटी सुधार से बढ़ी हुई मांग के कारण किसानों को मदद मिलेगी। आईआरईएफ के उपाध्यक्ष देव गर्ग ने कहा कि जीएसटी सुधार से भारतीय अर्थव्यवस्था के बारे में सकारात्मक धारणा बढ़ी है। आगामी सीजन में बासमती चावल और अन्य प्रीमियम गैर-बासमती चावल किस्मों की मांग बढ़ने की उम्मीद है, जो किसानों के लिए अच्छी खबर है।

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जीएसटी रिफंड में बदलाव से निर्यातकों को होगा लाभ

उन्होंने आगे कहा कि अप्रत्यक्ष करों के पुनर्गठन से उपभोक्ता मांग में वृद्धि होगी, विशेष रूप से आधुनिक रिटेल और उच्च मूल्य वाली वस्तुओं में। गर्ग ने यह भी बताया कि जीएसटी पंजीकरण की स्वीकृति अवधि अब घटाकर सिर्फ तीन दिन कर दी गई है। इससे नए कारोबारियों के लिए तेजी से व्यापार शुरू करना आसान होगा।

उनके अनुसार सबसे अहम बदलाव यह है कि अब निर्यातकों को जीएसटी रिफंड का 90 प्रतिशत हिस्सा एक सप्ताह के भीतर मिल जाएगा। पहले इसमें करीब 60 दिन लग जाते थे, जिससे कारोबार की कार्यशील पूंजी अटक जाती थी। तेज रिफंड प्रणाली से न सिर्फ नकदी प्रवाह बेहतर होगा बल्कि निर्यातकों की प्रतिस्पर्धा और आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।

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