फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Income Tax Refund: आयकर विभाग ने 31 अगस्त तक 1.14 लाख करोड़ रुपये के रिफंड जारी किए, ऐसे चेक करें स्टेटस

Sat, 03 Sep 2022 05:07 PM IST
विवेक दास बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Income Tax Refund: सीबीडीटी की ओर से कहा गया है कि 31 अगस्त 2022 तक पर्सनल इनकम टैक्स रिफंड के रूप में 1.96 करोड़ करदाताओं को 61 हजार 252 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
विज्ञापन
इनकम टैक्स रिफंड - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आयकर विभाग ने एक अप्रैल 2022 से 31 अगस्त 2022 के बीच 1.97 करोड़ करदाताओं का 1.14 लाख करोड़ रुपये का रिफंड जारी कर दिया है। सीबीडीटी (Central Board of Direct Taxes) की ओर से कहा गया है कि उक्त अवधि के दौरान पर्सनल इनकम टैक्स रिफंड (Tax Refund) के रूप में 1.96 करोड़ करदाताओं को 61 हजार 252 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसके अलावे 1,46,871 मामलों में 53,158 करोड़ रुपये कॉरपोरेट टैक्स रिफंड के रूप में करदाताओं को जारी कर दिए गए हैं। 

इस तरह चेक करें अपना रिफंड स्टेटस

1. यूजर आईडी पासवर्ड का उपयोग करके आयकर पोर्टल में लॉग इन करें।

2. माय अकाउंट में जाएं और 'रिफंड/डिमांड स्टेटस' पर क्लिक करें।

3. आपके सामने सारी जानकारी आ जाएगी। अगर रिफंड नहीं किया गया है, तो आप 'कारण' पर जाकर तुरंत स्थिति की जांच कर सकते हैं।

अगर आपको नहीं मिला रिटर्न तो ये हो सकते हैं कारण

तकनीकी खामी: आयकर विभाग के पोर्टल या आपके खाते से जुड़ी कोई तकनीकी परेशानी आपके आयकर रिफंड की देरी का कारण हो सकता है। ऐसे में अगर आपको अब तक रिफंड की राशि प्राप्त नहीं हुई तो आप आयकर विभाग की हेल्पलाइन पर संपर्क कर विस्तृत जानकारी ले सकते हैं। आयकर विभाग का हेल्पलाइन नंबर (आयकर संपर्क केंद्र, ASK का नंबर) 18001801961 है।

दस्तावेजों की कमी: अतिरिक्त दस्तावेजों का अभाव भी रिफंड मिलने में देरी का एक बड़ा कारण हो सकता है। इस समस्या के समाधान के लिए आप कर अधिकारी से बात कर सकते हैं और आवश्यक दस्तावेज दोबारा जमा कर सकते हैं। 

वेरिफिकेशन न होना: रिफंड न मिलने का एक कारण वेरिफिकेशन भी है। यदि आपका आईटीआर निर्धारित समय सीमा के भीतर सत्यापित नहीं होता है, तो इसे अमान्य माना जाएगा। आयकर अधिनियम, 1961 के तहत, सत्यापित नहीं किए गए आईटीआर अमान्य हो जाते हैं। 

बैंक से जुड़ी जानकारी: अगर बैंक डिटेल में कोई बदलाव किया गया है तो भी आपका रिफंड मिलने में देरी हो सकती है। यदि आपके प्राथमिक खाते के मोबाइल नंबर और ई-मेल जैसी जानकारी नए खाते से प्राप्त होती रहेगी, तो ही खाता मान्य होगा। यदि जानकारी बदली गई है तो पोर्टल पर एक चेतावनी दिखाई देगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें