बुधवार को देश के 40 स्थानों पर आयकर विभाग के 200 अफसरों ने कंपनी के ठिकानों पर भी छापेमारी की गई है। जिन स्थानों पर छापे मारे गए हैं उनमें बेंगलुरु के अलावे नई दिल्ली, सिक्किम, पंजाब, तमिलनाडु और गोवा के दफ्तर शामिल हैं।
आयकर विभाग ने बुधवार को लोकप्रिय दवा डोलो-650 के निर्माता माइक्रो लैब्स लिमिटेड बेंगलुरु स्थित के कार्यालय पर छापेमारी की है। खबरों के अनुसार आयकर विभाग के 20 अधिकारियों ने बेंगलुरु के रेसकोर्स रोड स्थित फार्मास्युस्टीकल कंपनी के ठिकानों पर छोपेमारी की है।
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आईटी विभाग के सूत्रों के अनुसार बुधवार को देश के 40 स्थानों पर आयकर विभाग के 200 अफसरों ने कंपनी के ठिकानों पर भी छापेमारी की गई है। जिन स्थानों पर छापे मारे गए हैं उनमें बेंगलुरु के अलावे नई दिल्ली, सिक्किम, पंजाब, तमिलनाडु और गोवा के दफ्तर शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार माइक्रो लैब्स के सीएमडी दिलीप सुराना और निदेशक आनंद सुराना के आवास पर भी छापेमारी की गई है।
खबरों के अनुसार छापेमारी के दौरान आयकर विभाग के अधिकारियों ने बेंगलुरु के माधवनगर में रेसकोर्स रोड स्थित डोलो-650 टैबलेट बनाने वाली कंपनी माइक्रो लेब्स लिमिटेड के दफ्तर से कई अहम दस्तावेजों की जांच की है। सूत्रों के अनुसार आयकर विभाग की ओर से यह कार्रवाई टैक्स चोरी के मामले में की गई है।
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सूत्रों के अनुसार कंपनी ने कोविड-19 महामारी के दौरान बड़ा मुनाफा कमाया था। जानकारी के अनुसार कंपनी ने 2020 में कोविड -19 के प्रकोप के बाद से 350 करोड़ रुपये के टैबलेट बेचे हैं और अपने सभी प्रतिद्वंद्वियों से आगे निकलते हुए एक साल में 400 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। आपको बता दें कि कोरोना महामारी की लहर के दौरान माइक्रो लैब्स लिमिटेड की दवा डोलो (पारासिटामोल) की बिक्री ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए थे।
जानकार मानते हैं कि डोलो-650 टैबलेट बाजार में पारासिटामोल टैबलेट का पर्याय बनने लगा है। उसकी प्रसिद्धि की तुलना जेरॉक्स और बिसलेरी जैसे ब्रांड्स से की जाने लगी है। कोरोना महामारी की पीक के दौरान सोशल मीडिया पर डोलो-650 दवा के सबसे पसंदीदा स्नैक्स के रूप में सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रही थी।