कोयला मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि सीआईएल अपने संघों (यूनियन) के साथ सौहार्दपूर्ण और मित्रतापूर्ण संबंध बनाए रखता है। साथ ही देश में कोयला क्षेत्र के महत्व को देखते हुए किसी भी तरह के मतभेद या हड़ताल से बचने की कोशिश करता है।
केंद्रीय कोयला मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि भारत का कोयला उत्पादन जून 2021 की तुलना में जून, 2022 के दौरान 50.98 मीट्रिक टन से 32.57 प्रतिशत बढ़कर 67.59 मिलियन टन (एमटी) हो गया। इसके साथ ही कोयला मंत्रालय ने गैर-कार्यकारी कर्मियों के साथ वेतन समझौता को अंतिम रूप देने के बारे में भी जानकारी दी है।
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कोयला मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि गैर-कार्यकारी कर्मियों के साथ वेतन समझौता को अंतिम रूप देने के लिए कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने एनसीडब्ल्यूए- XI के तहत अब तक पांच बैठकें की हैं। इस कंपनी जल्द से जल्द आपसी सहमति से अपने गैर-कार्यकारी कर्मियों के वेतन समझौते को जल्द से जल्द पूरा करना चाहती है।
कोयला मंत्रालय की ओर से इस बारे में जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि सीआईएल अपने संघों (यूनियन) के साथ सौहार्दपूर्ण और मित्रतापूर्ण संबंध बनाए रखता है। साथ ही देश में कोयला क्षेत्र के महत्व को देखते हुए किसी भी तरह के मतभेद या हड़ताल से बचने की कोशिश करता है। गैर-कार्यकारी कर्मियों के वेतन के संबंध में वार्ता चल रही है और आम तौर पर समझौते को पूरा करने में समय लगता है पर हमें उम्मीद है कि यह प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी कर ली जाएगी।
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गौरतलब है कि सीआईएल (Coal Indian Limited) देश का पहला सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम (सीपीएसयू) था, जिसने पिछले तीन वेतन समझौतों को सफलतापूर्वक पूरा किया था। इस परंपरा को कायम रखते हुए सीआईएल को उम्मीद है कि इस बार भी जल्दी से वेतन समझौते पर मुहर लग जाएगी। वहीं, मंत्रालय की ओर से यह भी कहा गया है कि उपरोक्त कथन के विपरीत कोई भी रिपोर्ट तथ्यात्मक रूप से गलत और एकतरफा है।