हर नोटिस टैक्स चोरी पकड़ने वाला नहीं होता। टैक्सपेयर्स को सही रास्ता दिखाने और जानकारी ठीक कराने के लिए भी आयकर विभाग नोटिस भेज रहा है। दिल्ली के एक कारोबारी को अपने बैंक अकाउंट में आठ लाख रुपये जमा करने पर आयकर विभाग से नोटिस मिल गया। बहुतों के गलत रिटर्न या सूचनाओं में असंगति पर नोटिस आए हैं। आम धारणा है कि आयकर विभाग टैक्स चोरी पकड़ता है, तो नोटिस भेजता है, लेकिन अब यह जरूरी नहीं है।
इन कारणों की वजह से आयकर कानून की धारा 143(1) (सारांश सूचना) और 142(1) (प्रारंभिक पूछताछ) के तहत जारी किए गए ई-नोटिस में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। इनमें से अधिकांश को डिजिटल माध्यम से निपटाया जा सकता है।
| धारा | उद्देश्य | मतलब | आपको क्या करना है |
|---|---|---|---|
| 139(9) | दोषपूर्ण रिटर्न | रिटर्न अपूर्ण है या गलत | 115 दिनों के भीतर फॉर्म का इस्तेमाल को ऑनलाइन सुधारें |
| 142(1) | मूल्यांकन से पहले पूछताछ | विभाग दस्तावेज या ई-प्रोसीडिंग के जरिये स्पष्टीकरण चाहता है | साक्ष्य अपलोड करें |
| 143(1) | सूचना | ऑटोमेटेड कम्प्यूटेशन सारांश की समीक्षा करें, मिसमैच, रिफंड | अपडेट आवश्यक प्रतिक्रिया दें |
| 143(2) | स्क्रूटनी असेसमेंट | विस्तृत जांच के लिए रिटर्न का चयन | दस्तावेज तैयार करें, अपने रिटर्न का चयन सीए से सलाह लें |
| 148 / 148A | पुनर्मूल्यांकन | कोई आय मूल्यांकन से बच गई है | सबूतों के साथ तुरंत जवाब दें |
| 156 | डिमांड नोटिस | कर, ब्याज, या जुर्माना देय | सटीकता जांचें, भुगतान या अपील करें |
अपने रिकॉर्ड तैयार रखें
ई-नोटिस में बढ़ोतरी एक बड़े बदलाव का संकेत है। भारत की कर व्यवस्था प्रतिक्रियाशील ऑडिट से अब सक्रिय पारदर्शिता की दिशा में आगे बढ़ रही है। आज 80 फीसदी से ज्यादा ई-नोटिस का समाधान बिना प्रत्यक्ष सुनवाई के किया जाता है। आज सबसे स्मार्ट करदाता वह नहीं है, जो अच्छी तरह से अपनी चोरी छिपाता है, बल्कि वह है, जो सही ढंग से अनुपालन करता है। आज के डिजिटल युग की नई टैक्स प्लानिंग है-पारदर्शिता। सही प्रतिक्रिया दें, अपने रिकॉर्ड को तैयार रखें, फिर देखिए आप कैसे सिस्टम से आगे रहेंगे, हमेशा- यतीन्द्र खेमका, चार्टर्ड अकाउंटेंट
डिजिटल डैशबोर्ड नया टैक्स कमांड सेंटर
इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल अब पूरी तरह से आपके व्यक्तिगत अनुपालन कंसोल में बदल चुका है। इससे पहले कि आपको कोई नोटिस मिले, आइए जानते हैं, यह कैसे काम करता है- www.incometax.gov.in पर लॉग इन करें। सभी नोटिस और समय-अवधि देखने के लिए पेंडिंग एक्शन और फिर ई-प्रोसिडिंग पर जाएं।